कौन है 12 साल का बच्चा जिसने Dhruv Rathee के दावे की उड़ाई धज्जियां, कहा था-भगवान राम खाते थे मांस

ध्रुव राठी ने अपनी एक वीडियो में दावा किया था कि भगवान राम मांस खाते थे. अब यूट्यूबर के इस दावे पर एक 12 साल के बच्चे ने शास्त्रों का हवाला देते हुए पूरी तरह से खारिज कर दिया है.

कौन है आर्यन तिवारी

(Image Source:  x-@StringReveals )
Edited By :  हेमा पंत
Updated On : 1 April 2026 1:10 PM IST

यूट्यूबर ध्रुव राठी ने कुछ समय पहले भगवान श्रीराम का लेकर सनसनीखेज दावा किया था. जहां उन्होंने अपनी वीडियो में कहा था कि भगवान राम और भगवान कृष्ण मांस खाते थे और शराब पीते थे. यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद कई लोगों इस बयान पर नाराजगी जताई. 

इसी बीच एक 12 साल के बच्चे का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने ध्रुव राठी के दावों को चुनौती देते हुए शास्त्रों का हवाला दिया है. वीडियो में यह बच्चा पूरे कॉन्फिडेंस के साथ अपने तर्क रखता नजर आता है और दावा करता है कि उसने वाल्मीकि रामायण के आधार पर अपनी बात कही है.

बच्चे ने क्या कहा?

वीडियो में 12 साल का बच्चा कहता है कि पूरे साल इन्हें कुछ याद नहीं आएगा, लेकिन राम नवमी और दशहरा आने से पहले ये लेफटिस्ट प्रोपैगैंड फैक्टरी चालू हो जाती है. प्रभु श्री राम के चरित्र पर गलत आरोप लगाए जाते हैं. इसलिए मैं पूरे वाल्मिकी रामयाण को खंगालकर प्रूफ लेकर आया हूं. जहां साफ लिखा गया है कि 'प्रभु श्रीराम ने कभी मांस खाया. न ही कभी मदिरा का सेवन किया.वह सिर्फ वन में मिले फल-फूल से बनी चीजें खाते थे.'

शास्त्रों का दिया हवाला

बच्चे ने आगे बताया कि राम जी माता सीता से कहते हैं कि हमें पेड़ों से गिरे फलों से ही अपना जीवन चलाना है और वन के दुख सहने हैं. वहीं, एक बार सीता माता राम जी से कहती हैं कि 'आप अपने हाथों से लाकर मुझे जो कुछ भी देंगे. चाहे वह पत्ता, जड़ या फल हो, और चाहे वह कम हो ज्यादा, वह मेरे लिए अमृत के समान होगा.'

महाभारत और संस्कृत शब्द का तर्क

वीडियो में बच्चे ने महाभारत का भी जिक्र किया और कहा कि महाभारत में भी भीष्म पितामाह कहते हैं कि प्रभु श्रीराम ने कभी मांस नहीं खाया है. वहीं, बच्चे ने बताया कि संस्कृत में मांस शब्द के दो मतलब होते हैं. एक पशु-पक्षी का मांस और दूसरा फल का गूदा. 

क्या है पूरा विवाद?

बच्चे ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि इस तरह की चीजों को लेक्सिकल एरर कहते हैं. यानी किसी भी शब्द का अलग ही मतलब निकालना. ऐसे में हमें शास्त्रों का सही मतलब प्रमाणित गुरुओ से ही समझना चाहिए न कि ऐसे एंटी हिंदुओं के व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से. यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन चुका है, जहां लोग अपने-अपने विचार रख रहे हैं.

कौन है आर्यन तिवारी?

इस बच्चे का नाम आर्यन तिवारी है, जिसकी उम्र बारह साल है. आर्यन का यूट्यूब चैनल भी है, जिसका अब ध्रुव राठी के इस दावे की पोल खोलने का वीडियो सोशल पर जमकर वायरल हो रहा है.

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