जब Varsha Usgaonkar के टॉपलेस फोटोशूट से हिल गई थी मराठी फिल्म इंडस्ट्री; अब कहां है तिरंगा फिल्म की ये एक्ट्रेस
80-90 के दशक की मराठी सिनेमा की चमकती सितारा रहीं वर्षा उसगांवकर ने सुपरहिट फिल्मों से पहचान बनाई. विवाद, पारिवारिक संघर्ष और लंबा ब्रेक के बाद उन्होंने दमदार कमबैक किया.
एक छोटे से गोवा के गांव उसगांव में जन्मी एक लड़की, जिसके पिता एक प्रमुख राजनेता हैं और मां एक क्लासिकल सिंगर. यह लड़की बचपन से ही संगीत और नृत्य की दुनिया में रची-बसी है, लेकिन उसका सपना है स्टेज पर चमकना. यह कहानी है वर्षा उसगांवकर (Varsha Usgaonkar) की, जो 1980 और 1990 के दशक में मराठी सिनेमा की सुपरस्टार बनीं, लेकिन फिर अचानक इंडस्ट्री से दूर हो गईं. वर्षा उसगांवकर जब वह मराठी से हिंदी सिनेमा इंडस्ट्री में आई तो किमी काटकर से मिलता जुलता बताया। वर्षा मराठी की सुपरस्टार एक्ट्रेस तो थी लेकिन हिंदी फिल्में भी उनकी बेहद यादगार रही.
वर्षा का जन्म 28 फरवरी 1968 को गोवा के उसगांव में हुआ. उनके पिता ए.के.एस. उसगांवकर गोवा सरकार में कैबिनेट मंत्री थे, और मां मणिकाबाई क्लासिकल सिंगर थी. वर्षा ने अपनी मां से संगीत सीखा और कथक डांस भी. पणजी के डेम्पो कॉलेज से कॉमर्स की डिग्री लेते हुए वे थिएटर ग्रुप 'कला शुक्लेंदु' से जुड़ीं. यहां उन्होंने नाटकों जैसे महापुर, एक होती वाघिन्न, और अश्रूंची झाली फुले में काम किया, जिससे उन्हें अवॉर्ड्स मिले. वर्षा हमेशा से एक्ट्रेस बनने के लिए जूनिनी रही इसलिए जब उन्हें पुणे के FTII में एडमिशन नहीं मिला तो वह औरंगबाद डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी में थिएटर साइंस का कोर्स किया. उनका पहला बड़ा ब्रेक 1984 में नाटक 'ब्रह्मचारी' से मिला, जहां वे प्रशांत दामले के साथ लीड रोल में थीं.
कब मिला पहला ब्रेक
1986 में वर्षा की पहली मराठी फिल्म 'तुज्या वाचून करमेना' में सपोर्टिंग रोल था. लेकिन असली ब्रेकथ्रू 1987 में 'गम्मत जम्मत' से आया. डायरेक्टर सचिन पिलगांवकर ने उन्हें 'ब्रह्मचारी' में देखकर चुना. फिल्म में वे एक बागी बेटी का रोल प्ले करती हैं, जो किडनैप होने के बाद भी अपनी मर्जी से जीती है. यह फिल्म सुपरहिट हुई, और वर्षा को महाराष्ट्र स्टेट फिल्म अवॉर्ड मिला. इस फिल्म के बाद उन्हें 'वंडर गर्ल' कहा जाने लगा.
नितीश भारद्वाज से अफेयर
वर्षा का करियर फिल्मों तक सिमित नहीं था वह टीवी शो 'महाभारत' में उत्तरा के रोल में नजर आईं. टीवी पर भी एंट्री हुई 1988 में 'महाभारत' में उत्तरा का छोटा रोल, जहां वे नितीश भारद्वाज के साथ थीं. दोनों के बीच रिलेशनशिप भी बनी, लेकिन 1991 में भारद्वाज की फैमिली की वजह से ब्रेकअप हो गया. लेकिन वर्षा अपने करियर में आगे बढ़ती रही.
एक के बाद एक हिट
मराठी फिल्मों में हिट्स की बाढ़ आई 'हमाल दे धमाल' (1989, लक्ष्मीकांत बर्डे के साथ), 'शेजारी शेजारी' (1990), 'एक होता विदूषक' (1993), 'सावत माझी लाडकी' (1993), 'लपांडाव' (1993), 'धनगड धिंगा' वर्षा ने हिंदी में ट्राई किया 'साथी' (1991, आदित्य पांचोली के साथ.नाना पाटेकर के साथ 'तिरंगा' (1993), रजनीकांत के साथ 'इंसानियत के देवता' (1993) लेकिन यहां लीड रोल्स नहीं मिले, ज्यादातर सपोर्टिंग.
टॉपलेस फोटोशूट
1990 के दशक में वर्षा मराठी की टॉप एक्ट्रेस थीं लेकिन विवादों ने घेरा. मिड-1990s में एक इंग्लिश मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट किया, जिससे पब्लिक क्रिटिसिज्म हुआ सेलिब्रिटी इमेज पर डिबेट छिड़ी. 2000 में वर्षा अरेंज्ड मैरिज से म्यूजिक डायरेक्टर रवि शंकर शर्मा के बेटे अजय शर्मा से शादी. साल 2010 में ससुर रवि ने ने मेंटल हरासमेंट का केस किया, आरोप लगाया कि उन्हें घर में घुसने नहीं दिया जाता. ससुर रवि के निधन के बाद अजय की बहनों छाया ओझा और वीना उपाध्याय से मुंबई के सांताक्रूज बंगले पर प्रॉपर्टी झगड़ा चला. जो 2013 से 2018 तक चला जो कोर्ट में सेटल हुआ.
टीवी में कमबैक
2020 में वर्षा ने टीवी पर कमबैक किया 'सुख म्हणजे नक्की काय असतं' में नंदिनी का रोल, जो 2024 तक चला. कोंकणी फिल्में जैसे 'झांवॉय नं.1' (2018), 'बेंडकार' (2019), 'हिंदी शेर शिवराज' (2022). 2024 में 'बिग बॉस मराठी' 5 में पार्टिसिपेट किया, 7th प्लेस पर रहीं. 2022 में नाटक 'सारखा काहीतरी होतय' में प्रशांत दामले के साथ रीयूनियन, और 2025 में टियाटर डेब्यू देवाचेम नांव, जितां हांव. 2025 में गोवा स्टेट फिल्म फेस्टिवल से लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला.