Param Sundari अब तक की सबसे खराब फिल्म! साउथ इंडस्ट्री में क्यों मिली सिद्धार्थ-जहान्वी की फिल्म को इतनी नफरत

'परम सुंदरी' में केरल की संस्कृति के फिल्माने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. कालिदास जयराम समेत कई मलयालम सितारों ने फिल्म पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

( Image Source:  IMDB )
Edited By :  रूपाली राय
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कालिदास जयराम, जो मलयालम सिनेमा के जाने-माने एक्टर हैं, ने हाल ही में बॉलीवुड की एक फिल्म 'परम सुंदरी' (Param Sundari) की काफी कड़ी आलोचना की है. उन्होंने इसे अपने हिसाब से हाल के दिनों में देखी गई सबसे खराब फिल्म बताया है. यह फिल्म 2025 में रिलीज हुई एक रोमांटिक कॉमेडी है, जिसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा और जहान्वी कपूर लीड रोल में हैं. कहानी दिल्ली के एक लड़के परम के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक AI मैचमेकिंग ऐप की मदद से अपनी पार्टर ढूंढता है और केरल की एक लड़की सुंदरी से मिलता है. फिल्म में दोनों के बीच कल्चर क्लैश और मजेदार स्थितियां दिखाई गई हैं. लेकिन इस फिल्म को लेकर काफी विवाद हुआ, खासकर केरल की संस्कृति और परंपराओं को दिखाने के तरीके पर.

कई लोगों का कहना था कि फिल्म में केरल को बहुत पुराने और गलत स्टीरियोटाइप्स (रूढ़िवादी) के साथ पेश किया गया है, जैसे कि वहां के लोग अभी भी बहुत पिछड़े या अजीब रीति-रिवाजों वाले हैं. इससे केरल के दर्शकों और एक्टर्स को बुरा लगा. कालिदास जयराम ने एक फूड ब्लॉगर ईरान व्यूज़ को दिए इंटरव्यू में इस फिल्म के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि फिल्म में केरल की संस्कृति और परंपराओं को मजाक उड़ाने जैसा तरीके से दिखाया गया है. उन्होंने इसे एक घटिया कोशिश बताया और कहा कि यह बिल्कुल ठीक नहीं है कि किसी की कल्चर को इस तरह गलत और हल्के में लिया जाए. कालिदास ने इसे हाल ही में देखी गई सबसे बुरी फिल्म करार दिया.

क्या है फिल्म की कमियां?

गौरतलब है कि कालिदास जयराम खुद केरल के पेरुम्बावूर के रहने वाले हैं और वे मशहूर एक्टर जयराम और एक्ट्रेस पार्वती के बेटे हैं. इसलिए उन्हें केरल की संस्कृति और परंपराओं की गहरी समझ है, और वे इस तरह के फिल्माने से बहुत निराश हुए. इस विवाद में और भी कई मलयालम सितारे शामिल हुए. मिसाल के तौर पर, एक्ट्रेस और आरजे पवित्रा मेनन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जहान्वी कपूर द्वारा मलयाली लड़की का रोल निभाने में कई कमियां हैं, और अगर किसी असली स्थानीय एक्टर को लिया जाता तो ज्यादा सही और ऑथेंटिक लगता. इसी तरह, एक्टर रंजीत शंकर ने फेसबुक पर पोस्ट करके कहा कि फिल्म में दिखाया गया केरल का समाज अब बहुत आगे बढ़ चुका है, लेकिन फिल्म में पुरानी रूढ़ियों को ही दिखाया गया है.

नॉर्थ में हिट रही साउथ में फ्लॉप

हालांकि, फिल्म की आलोचना के बावजूद यह बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक सफल रही. दुनिया भर में इसने लगभग 85-90 करोड़ रुपये की कमाई की (कुछ रिपोर्ट्स में 89 करोड़ तक बताई गई है). यह 100 करोड़ का क्लब पार नहीं कर पाई, लेकिन इसे कमर्शियल सफलता माना गया. फिल्म के एक अभिनेता रेंजी पणिक्कर ने इसका बचाव करते हुए कहा कि फिल्म का मकसद मुख्य रूप से उत्तर भारत के दर्शकों को मनोरंजन देना था, न कि केरल की संस्कृति को पूरी तरह सही तरीके से दिखाना. उन्होंने कहा कि फिल्म एक अच्छी रोमांटिक कॉमेडी है और उसके डायलॉग्स भी उसी हिसाब से बनाए गए.  

कालिदास जयराम का वर्क फ्रंट 

फिल्म तुषार जलोटा ने निर्देशित की है और दिनेश विजान की मैडॉक फिल्म्स ने इसे बनाया है. इस बीच, कालिदास जयराम को आखिरी बार मलयालम फिल्म 'आशकल आयिरम' में देखा गया था. यह फिल्म उनके असली पिता जयराम के साथ बनी है, जिसमें पिता-पुत्र के रिश्ते की जटिलताओं, पीढ़ीगत मतभेदों और जिंदगी की चुनौतियों को दिखाया गया है. कालिदास ने इसमें एक महत्वाकांक्षी एक्टर का रोल किया था, जो सोशल मीडिया में ज्यादा डूबा रहता है. 

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