कहां है माधुरी दीक्षित की हमशक्ल Niki Aneja Walia? रात में प्रोड्यूसर के पास न जाने पर बर्बाद हुआ करियर, टीवी सेट पर कुचल दी गई थी कार से

19 साल की उम्र में प्रोड्यूसर के खिलाफ खुलकर बोलने वाली निकी अनेजा ने बॉलीवुड को अलविदा कह दिया था. बाद में टीवी की दुनिया में उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की और एक हादसे के बाद शाहरुख खान का मानवीय चेहरा भी देखा.

( Image Source:  Instagram: niki_walia, IMDB )
Edited By :  रूपाली राय
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1990 के दशक की शुरुआत में, जब बॉलीवुड में ज्यादातर नए कलाकार बस किसी तरह काम पाकर टिके रहने की कोशिश कर रहे थे, तब निकी अनेजा वालिया (Niki Aneja Walia) एक अलग ही मिसाल थी. उनका चेहरा बहुत कुछ माधुरी दीक्षित से मिलता-जुलता था. पर्दे पर उनकी मौजूदगी इतनी मजबूत और इमोशनल थी कि मशहूर निर्देशक मुकुल आनंद ने उनसे कहा था, 'तुम बहुत सोलफुल हो, तुम्हें सिर्फ प्रोडक्ट्स नहीं बेचने चाहिए, तुम्हें असली किरदार निभाने चाहिए.'

निकी ने ठीक वैसा ही किया, जो आज भी बहुत कम लोग करने की हिम्मत जुटा पाते हैं. उन्होंने खुलकर अपनी बात कही, विवाद खड़े किए और फिर बॉलीवुड फिल्मों से दूर हो गईं. उनका हिंदी सिनेमा में सफर बहुत छोटा रहा, लेकिन महज 19 साल की उम्र में उन्होंने जो फैसले लिए, उन फैसलों ने उनके पूरे करियर को एक नया आकार दिया. बाद में उन्होंने टेलीविजन पर बहुत नाम कमाया और एक बड़ा नाम बन गईं. 

'माधुरी' जैसा लुक और एक बगावती शुरुआत

निकी अनेजा का शोबिज में आना खुद एक विद्रोह की तरह था. वे बचपन से पायलट बनना चाहती थीं और इसके लिए ह्यूस्टन जाना चाहती थीं, लेकिन उनके पिता ने मना कर दिया. सपने पूरे करने के लिए उन्होंने चुपके से अपने चचेरे भाई परमीत सेठी के घर पर जाकर अर्चना पूरन सिंह के कपड़े पहनकर एक फोटो शूट करवाया. यह जोखिम लेना उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ. शूट के दौरान मशहूर मेकअप आर्टिस्ट मिकी कॉन्ट्रैक्टर ने देखते ही कहा कि वे माधुरी दीक्षित जैसी दिखती हैं. निकी ने एक इंटरव्यू में बताया, 'पहले शॉट से ही मुझ पर माधुरी दीक्षित का लेबल लग गया.' यह लेबल सालों तक उनके साथ रहा, लेकिन उन्होंने इसे न तो ठुकराया और न ही इस पर पूरी तरह निर्भर रहीं. जल्दी ही एक ज्वेलरी ब्रांड ने उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर बना लिया. कॉलेज की स्टूडेंट रहते हुए ही उन्हें मिथिबाई कॉलेज से सियोल (कोरिया) में होने वाली एक इंटरनेशनल स्टूडेंट ब्यूटी पेजेंट में भेजा गया. वहां वे रनरअप रहीं और उन्हें 'शांति दूत' का खिताब भी मिला. सियोल से लौटते ही फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का फोन आया. फिर से पिता ने मना किया, कहा कि 'यह इंडस्ट्री तुम्हारे लिए नहीं है' लेकिन आखिरकार 1994 में निकी को फिल्म 'मिस्टर आज़ाद' में अनिल कपूर के साथ काम करने का मौका मिल गया. जब उन्हें पता चला कि उनके हीरो अनिल कपूर हैं, तो उन्होंने तुरंत हां कह दिया. 

'मिस्टर आज़ाद' के सेट पर दुखद अनुभव और बहादुरी

फिल्म की शूटिंग के दौरान निकी को बहुत बुरा महसूस हुआ. उन्हें लगा कि उन्हें एक इंसान की बजाय सिर्फ एक ऑब्जेक्ट की तरह देखा जा रहा है. उन पर ऐसे सामाजिक दबाव डाले गए जो फिल्म से बिल्कुल भी जुड़े नहीं थे. उन्हें बताया गया कि रात 11 बजे डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ डिनर पर जाना होगा. निकी ने पहलाज निहलानी से पूछा कि ऐसा क्यों. जवाब में उन्होंने कहा, 'क्या तुम फिल्म बेचना नहीं चाहती?. निकी ने सवाल किया, 'अगर अनिल कपूर जैसा हीरो है और फिर भी फिल्म नहीं बिक रही, तो इसका क्या मतलब?. इस विरोध की वजह से सेट पर उन्हें मुश्किल और बदनाम करार दिया गया. शूटिंग रुक-रुककर चलती रही. महज 19 साल की उम्र में निकी ने और भी बड़ा कदम उठाया.  उन्होंने एक फिल्म मैगजीन के कवर पर पहलाज निहलानी के खिलाफ खुलकर बोला और टॉप था, 'पहलाजी: निर्माता नहीं, बल्कि विध्वंसक.' इससे उनका करियर को कोई फायदा नहीं हुआ, बल्कि नुकसान ही हुआ. लेकिन निकी के लिए यह आत्मसम्मान की बात थी. उन्होंने कहा, 'मैं आईने में खुद को सम्मान के साथ देखना चाहती थी. इससे पहले कि इंडस्ट्री मुझे बाहर फेंक दे, मैंने अपनी इज्जत बचाकर खुद बाहर निकलने का फैसला किया.' 

कर्ज, पिता की मौत और 'यस बॉस' से दूर होना

निकी ने 'यस बॉस' फिल्म में लीड रोल के लिए पहले ही साइन कर लिया था बाद में यह रोल जूही चावला ने किया. उन्होंने 5 दिन की शूटिंग भी कर ली थी तभी उनके पिता का देहांत हो गया. पिता के पीछे बहुत बड़ा कर्ज था, जिसके बारे में परिवार को कुछ पता नहीं था. मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह थक चुकी निकी ने फिल्म छोड़ दी. उन्होंने 1.5 लाख रुपये का एडवांस वापस कर दिया और कहा, 'मैं इस हालत में काम नहीं कर सकती.' फिर उन्होंने सोचा, 'फिल्मों के बड़े समंदर में छोटी मछली बनने से बेहतर है कि टेलीविजन के तालाब में बड़ी मछली बन जाऊं.' 

टेलीविजन पर धमाल और सफलता

यह फैसला बहुत कामयाब रहा कुछ ही सालों में निकी कई शो में मुख्य किरदार निभाने लगीं जैसे- 'दास्तान', 'अंदाज़', 'बात बन जाए', 'आंधी जज़्बातों की', 'सेहर', 'सी हॉक्स'. वे अनुभव सिन्हा जैसे बड़े निर्देशकों के साथ काम किया. टेलीविजन पर वे सबसे भरोसेमंद और पसंदीदा चेहरों में से एक बन गईं. वे शाहरुख खान और जूही चावला के स्टेज शो की भी एंकरिंग करती थीं. उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि लोग सिर्फ उन्हें देखने के लिए शो देखते थे. इस दौरान उन्होंने सारे कर्ज चुका दिए और अपनी बहन की शादी भी करवा दी. 

'घरवाली ऊपरवाली' के सेट पर बड़ा हादसा

जब उनका टेलीविजन करियर पीक पर था, तभी 'घरवाली ऊपरवाली' नामक सिटकॉम की शूटिंग के दौरान एक बहुत बड़ा हादसा हो गया. एक सीन में एक जूनियर कलाकार द्वारा चलाई जा रही कार ने निकी को कुचल दिया. पता चला कि उस ड्राइवर को गाड़ी चलाना भी ठीक से नहीं आता था, फिर भी उसे काम पर रख लिया गया था. निकी को बहुत गंभीर चोटें आईं उनके शरीर में तीन लीटर खून बह गया. वे एक महीने से ज्यादा अस्पताल में रहीं और बेहोश रहीं. इस दौरान उनके पांचों शो बंद हो गए. 

अस्पताल में शाहरुख खान का आना

एक रात जब निकी जागीं, तो उन्होंने देखा कि शाहरुख खान उनके बिस्तर के पास बैठे हैं. पहले तो उन्हें लगा कि दवाइयों का असर है और वे सपना देख रही हैं. शाहरुख ने उनका हाथ पकड़ा और कहा, 'निकी, मैं शाह हूं बहुत अफसोस है. रात के 12 बज रहे हैं, बाहर पैपराज़ी थे इसलिए मैं उनके जाने का इंतजार कर रहा था.' फिर उन्होंने निकी के बाल सहलाए और पूछा कि वे कैसी हैं, कुछ चाहिए तो बताएं. निकी ने पूछा, 'आप यहां क्या कर रहे हैं?. शाहरुख ने बताया कि उसी दिन उन्होंने फिल्म सिटी में वही लाल मारुति वैन देखी थी, जिसमें निकी को चोट लगी थी. उन्होंने प्रोडक्शन हाउस पर मुकदमा करने की सलाह दी. शाहरुख के इस व्यवहार से निकी को आज भी बहुत सम्मान है उनके लिए. बाद में मुकदमे से अस्पताल का बिल तो कवर हुआ, लेकिन शो बंद होने का नुकसान नहीं मिला. 

शादी, ब्रेक और फिर वापसी

हादसे के बाद फरवरी 2002 में निकी ने सन्नी वालिया से शादी की और यूके (इंग्लैंड) चली गईं. कुछ समय बाद निर्देशक अजय सिन्हा का फोन आया. उन्होंने 'अस्तित्व...एक प्रेम कहानी' में डॉ. सिमरन का रोल ऑफर किया. यह रोल इतना अच्छा था कि निकी 2002 से 2006 तक यूके और भारत के बीच आना-जाना करती रहीं. शो ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया. जब उनके जुड़वां बच्चे शॉन और सबरीना पैदा हुए, तो निकी ने बच्चों की परवरिश के लिए 10 साल का ब्रेक लिया. वे कहती हैं, 'यह समय बहुत खास रहा.' 

वापसी और नई शुरुआत

2017 में निकी ने 'दिल संभल जा ज़रा' से टीवी पर कमबैक किया, जहां उन्होंने लैला रायचंद का किरदार निभाया. फिर ALTBalaji के 'पंच बीट' (2018-2021) में प्रिंसिपल माया का नेगेटिव लेकिन जटिल रोल किया. Zee5 पर 'नेवर किस योर बेस्ट फ्रेंड' के तीनों सीजन में हरप्रीत बराड़ बनीं. नेटफ्लिक्स पर 'गिल्टी' (2020), 'तारा वर्सेस बिलाल' (2022), 'डबल एक्सएल' (2022) और थ्रिलर 'नीयत' (2023) में भी काम किया. यूके में ब्रिटिश एशियाई सोप 'क्लाउड 9' में भी नजर आईं. 

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