UPI में गलत अकाउंट में पैसे चले गए? घबराएं नहीं, रिकवरी से लेकर शिकायत तक ये है पूरी गाइड

UPI में गलत अकाउंट, नंबर या QR कोड पर पैसे चले जाएं तो उन्हें अपने-आप रिवर्स नहीं किया जा सकता. लेकिन समय पर सही प्रक्रिया अपनाने से रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है.;

( Image Source:  Sora AI )
Edited By :  प्रवीण सिंह
Updated On : 24 Jan 2026 7:00 AM IST

डिजिटल इंडिया के दौर में UPI ने पैसे भेजना जितना आसान बना दिया है, उतना ही एक छोटा-सा क्लिक आपको बड़ी परेशानी में भी डाल सकता है. सब्जी वाले से लेकर फ्लाइट टिकट तक-हर जगह UPI चल रहा है. लेकिन अगर जल्दबाजी में गलत UPI ID, गलत मोबाइल नंबर या गलत QR कोड पर पैसा ट्रांसफर हो जाए, तो सबसे पहला सवाल यही होता है - अब पैसे वापस कैसे मिलेंगे?

अक्सर लोग सोचते हैं कि UPI पेमेंट भी कार्ड या वॉलेट की तरह अपने-आप कैंसिल या रिवर्स हो जाएगा, लेकिन सच्चाई इससे अलग है. UPI एक रियल-टाइम सिस्टम है, जिसमें पैसा सेकेंडों में सामने वाले खाते में पहुंच जाता है. ऐसे में “Undo” का कोई ऑप्शन नहीं होता. हालांकि सही तरीके और समय पर शिकायत करने से पैसे वापस मिलने की संभावना जरूर बनती है.

UPI ट्रांजैक्शन अपने-आप रिवर्स क्यों नहीं होता?

UPI की सबसे बड़ी ताकत उसकी सबसे बड़ी कमजोरी भी है - रियल-टाइम ट्रांसफर. जैसे ही आप PIN डालते हैं, पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट से रिसीवर के अकाउंट में चला जाता है. इसमें न तो कोई होल्ड पीरियड होता है और न ही सेटलमेंट का इंतजार. यही वजह है कि एक बार ट्रांजैक्शन पूरा हो जाए, तो उसे सीधे कैंसिल नहीं किया जा सकता.

गलत अकाउंट में पैसा चला गया, अब क्या करें?

  • रिसीवर से सीधे संपर्क करें : अगर ट्रांजैक्शन किसी व्यक्ति के अकाउंट में गया है और उसका नाम या नंबर दिख रहा है, तो सबसे पहले उससे संपर्क करने की कोशिश करें. कई मामलों में सामने वाला व्यक्ति ईमानदारी से पैसे लौटा देता है. शांत और विनम्र भाषा में रिफंड का अनुरोध करें.
  • UPI ऐप पर तुरंत शिकायत दर्ज करें : PhonePe, Google Pay, Paytm जैसे लगभग सभी UPI ऐप्स में “Help”, “Support” या “Report a problem” का विकल्प होता है.
  • ट्रांजैक्शन सेलेक्ट करें : “गलत व्यक्ति को भुगतान” या संबंधित कैटेगरी चुनें
  • शिकायत सबमिट करें : यह कदम बेहद जरूरी है क्योंकि इससे सिस्टम में आपकी शिकायत का आधिकारिक रिकॉर्ड बन जाता है.
  • अपने बैंक से संपर्क करें : UPI ऐप के साथ-साथ अपने बैंक को भी तुरंत जानकारी दें. आपको ये डिटेल्स देनी होंगी - UPI ट्रांजैक्शन ID, रकम, तारीख और समय, रिसीवर की UPI ID या नाम
  • बैंक रिसीवर बैंक से संपर्क कर सकता है और रिफंड के लिए रिक्वेस्ट आगे बढ़ा सकता है.

NPCI पोर्टल पर शिकायत करें

अगर बैंक या UPI ऐप से समाधान नहीं मिलता, तो आप NPCI (National Payments Corporation of India) के डिस्प्यूट रिड्रेसल पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं. यहां ट्रांजैक्शन ID, रकम और भुगतान का प्रकार चुनकर औपचारिक शिकायत की जाती है. तय समय में जवाब न मिलने पर केस को आगे एस्केलेट भी किया जा सकता है.

बैंकिंग लोकपाल का रास्ता

अगर सभी विकल्प आज़माने के बाद भी समाधान नहीं मिलता, तो अंतिम विकल्प बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) के पास शिकायत दर्ज करना होता है. यह एक स्वतंत्र व्यवस्था है, जो ग्राहकों और बैंकों के बीच विवाद सुलझाती है.

क्या गलत UPI ट्रांजैक्शन का पैसा वापस मिलना तय है?

ईमानदारी से कहें तो इसकी कोई 100% गारंटी नहीं होती. पैसा तभी लौटाया जा सकता है जब रिसीवर सहयोग करे, शिकायत तुरंत दर्ज की गई हो, बैंक और सिस्टम समय पर कार्रवाई करें. हालांकि, सही प्रक्रिया अपनाने और देर न करने से रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है.

भविष्य में ऐसी गलती से कैसे बचें?

  • पैसे भेजने से पहले UPI ID और नाम दो बार जांचें
  • बड़ी रकम भेजने से पहले ₹1 का टेस्ट ट्रांजैक्शन करें
  • QR कोड स्कैन करने के बाद रिसीवर का नाम ध्यान से पढ़ें
  • जल्दबाजी में कभी भी PIN न डालें

UPI सुविधा के साथ सावधानी भी उतनी ही जरूरी है. एक छोटी-सी सतर्कता आपको बड़ी आर्थिक परेशानी से बचा सकती है. अगर गलती हो जाए, तो घबराने के बजाय सही चैनल से तुरंत शिकायत करें - यही रिकवरी का सबसे मजबूत रास्ता है.

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