Budget 2026 में टूटेगी 75 साल की परंपरा! निर्मला सीतारमण पेश करेंगी भारत के भविष्य का ब्लूप्रिंट

Union Budget 2026-27 इस बार 75 साल पुरानी परंपरा तोड़ सकता है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण का Part-B केवल टैक्स घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत के आर्थिक भविष्य का विस्तृत विज़न पेश कर सकता है.;

( Image Source:  sora ai )
Edited By :  नवनीत कुमार
Updated On : 1 Feb 2026 12:11 AM IST

केंद्रीय बजट 2026 इस बार सिर्फ टैक्स और आंकड़ों का दस्तावेज नहीं रहेगा, बल्कि यह भारत की आने वाले दशकों की आर्थिक दिशा तय करने वाला बजट बन सकता है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार बजट भाषण में 75 साल पुरानी परंपरा को तोड़ने जा रही हैं.

अब तक बजट भाषण के Part-A में सरकार की प्राथमिकताएं, योजनाएं और आर्थिक दृष्टिकोण बताया जाता था, जबकि Part-B को मुख्य रूप से टैक्स और नीतिगत घोषणाओं तक सीमित रखा जाता था. लेकिन इस बार तस्वीर बदलेगी. सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी ने बताया है कि इस बार Part-B में भारत की आर्थिक भविष्य-दृष्टि (Economic Vision) पेश की जाएगी.

Part-B में होगा भारत का लॉन्ग टर्म विजन

रिपोर्ट के अनुसार, बजट के Part-B में सरकार केवल अगले एक साल की योजनाओं पर नहीं, बल्कि भारत की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति, 21वीं सदी के दूसरे चरण में भारत की भूमिका और घरेलू ताकत और वैश्विक महत्वाकांक्षाओं पर विस्तार से चर्चा करेगी. इसमें अल्पकालिक प्राथमिकताओं (Short-Term Priorities) के साथ-साथ दीर्घकालिक लक्ष्य (Long-Term Goals) भी बताए जाएंगे. अर्थशास्त्री मान रहे हैं कि यह बजट भारत के लिए केवल “फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट” नहीं बल्कि इकोनॉमिक ब्लूप्रिंट की तरह पेश किया जा सकता है.

यह होगा निर्मला सीतारमण का लगातार 9वां बजट

अगर यह योजना लागू होती है तो यह निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा.उन्होंने 2019 में अपने पहले बजट में 75 साल पुरानी चमड़े की ब्रीफकेस परंपरा तोड़कर लाल कपड़े में लिपटी ‘बही-खाता’ शैली अपनाई थी. पिछले चार वर्षों की तरह इस बार भी बजट पूरी तरह पेपरलेस फॉर्मेट में पेश किया जाएगा.

बाजार की नजरें अब Fiscal Deficit और कर्ज पर

रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार वित्त वर्ष 2026 में फिस्कल डेफिसिट को 4.5% से नीचे लाने का रोडमैप हासिल कर चुकी है. अब बाजार और निवेशकों की नजरें इन सवालों पर टिकी होंगी कि क्या सरकार FY27 के लिए Debt-to-GDP Ratio घटाने का साफ संकेत देगी? क्या बजट में FY27 के लिए सटीक Fiscal Deficit Target घोषित होगा? विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बजट निवेशकों को भारत की फाइनेंशियल डिसिप्लिन की दिशा बताएगा.

कैपेक्स पर फिर बड़ा दांव संभव

वर्तमान वित्त वर्ष में सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर ₹11.2 लाख करोड़ रखा गया है. सूत्रों का कहना है कि सरकार इस बार भी इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस जारी रख सकती है और Capex में 10% से 15% तक बढ़ोतरी संभव है. इसका कारण यह है कि निजी क्षेत्र (Private Sector) फिलहाल निवेश को लेकर सतर्क बना हुआ है, इसलिए सरकार खुद इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को आगे बढ़ाना चाहती है.

GDP ग्रोथ अनुमान से मिलेगी महंगाई की दिशा

बजट में FY27 के लिए Nominal GDP Growth Projection महंगाई (Inflation) के भविष्य की तस्वीर साफ कर देगा. रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार FY27 के लिए Nominal GDP Growth 10.5% से 11% के बीच घोषित कर सकती है. इससे यह संकेत मिलेगा कि सरकार को आने वाले सालों में

  • महंगाई और विकास दर को लेकर क्या उम्मीद है?
  • स्वास्थ्य और शिक्षा योजनाओं पर भी नजर
  • सूत्रों के अनुसार, सरकार का फोकस इन क्षेत्रों पर भी रहेगा
  • ग्रामीण योजनाएं (जैसे: ग्राम विकास योजनाएं)
  • स्वास्थ्य क्षेत्र
  • शिक्षा सेक्टर
  • प्रमुख सामाजिक कल्याण योजनाएं
  • इन सेक्टरों में खर्च बढ़ाकर सरकार सामाजिक स्थिरता और मानव पूंजी निर्माण पर जोर दे सकती है.

बजट सिर्फ टैक्स नहीं, विजन डॉक्यूमेंट बनेगा

रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार बजट का मकसद सिर्फ टैक्स स्लैब बदलना नहीं होगा, बल्कि भारत की आर्थिक दिशा तय करना, निवेशकों को भरोसा देना, वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका दिखाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए रोडमैप रखना. यही वजह है कि अर्थशास्त्री देश-विदेश दोनों जगह इस बजट को बेहद ध्यान से देख रहे हैं.

निर्मला सीतारमण इस बार बजट के Part-B में भारत का इकोनॉमिक विजन पेश करती हैं, तो यह 75 साल की परंपरा तोड़ेगा, बजट को नीतिगत दस्तावेज से आगे ले जाएगा और भारत को ग्लोबल इकॉनमी में नई पहचान देगा. Budget 2026 सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक कहानी का अगला अध्याय लिख सकता है.

Similar News