नायक फिल्म के अनिल कपूर से कम नहीं नेपाल के PM बालेन शाह! इन पांच Viral Video से समझिए पूरा खेल
नेपाल के प्रधानमंत्री Balendra Shah की तुलना फिल्म Nayak में Anil Kapoor के किरदार से इसलिए की जा रही है क्योंकि बालेन शाह के कुछ वायरल वीडियो में वे सिस्टम के खिलाफ सख्त और त्वरित फैसले लेते दिख रहे हैं. इन वीडियो में भ्रष्टाचार पर एक्शन, अधिकारियों को सीधे निर्देश और जनता के मुद्दों पर तुरंत प्रतिक्रिया ने उन्हें “रियल लाइफ नायक” की इमेज दी है.
इन दिनों नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह सोशल मीडिया पर जबरदस्त सुर्खियां बटोर रहे हैं. उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे बिना किसी भारी सुरक्षा के आम लोगों के बीच सहज रूप से घूमते नजर आ रहे हैं. इसी के साथ वह हर किसी के हाथ भी मिला रहा है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो ने उन्हें आम जनता के बीच एक अलग पहचान दी है और लोग उन्हें ‘जमीन से जुड़े नेता’ के तौर पर देख रहे हैं.
सोशल मीडिया पर उनकी तुलना फिल्म ‘नायक’ के अभिनेता अनिल कपूर से की जा रही है. वजह साफ है- कुर्सी पर बैठते ही तेज फैसले, सख्त एक्शन और सिस्टम को बदलने की कोशिश. यूजर्स लगातार उनकी तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि 'PM हो तो बालेन शाह जैसा हो.'
क्या है वायरल वीडियो का पूरा मामला?
वायरल वीडियो में बालेन शाह बिना किसी खास प्रोटोकॉल के सड़कों पर चलते, आम लोगों से मिलते और उनकी समस्याएं सुनते दिखाई दे रहे हैं. इस सादगी ने लोगों को हैरान कर दिया है, क्योंकि आमतौर पर प्रधानमंत्री स्तर के नेताओं के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होती है.
क्यों हो रही है ‘नायक’ फिल्म से तुलना?
फिल्म ‘नायक’ में अनिल कपूर एक दिन के मुख्यमंत्री बनकर ताबड़तोड़ फैसले लेते हैं और सिस्टम को हिला देते हैं. ठीक उसी तरह, बालेन शाह भी अपने फैसलों और एक्शन के कारण चर्चा में हैं. सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि वे भी सिस्टम को बदलने के मिशन पर काम कर रहे हैं.
क्या बालेन शाह सिर्फ इमेज बना रहे हैं या सच में ले रहे हैं एक्शन?
यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ पब्लिक इमेज है या असल में बदलाव की कोशिश. हाल ही में उन्होंने बड़ा कदम उठाते हुए श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह को पद से हटा दिया. यह फैसला अनुशासनहीनता के आरोपों के आधार पर लिया गया. प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, यह कार्रवाई पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने के पत्र और अनुशासन समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई. रिपोर्ट में पाया गया कि मंत्री ने अपने पद का दुरुपयोग किया.
मंत्री को हटाने के पीछे क्या कारण रहा?
जांच में सामने आया कि दीपक कुमार साह ने अपनी पत्नी जुनु श्रेष्ठा को हेल्थ इंश्योरेंस बोर्ड में बनाए रखा, जबकि वह पद लंबे समय से निष्क्रिय था. इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना गया और तुरंत कार्रवाई की सिफारिश की गई. रवि लामिछाने ने अपने पत्र में साफ कहा कि इस तरह के कदम से पार्टी की छवि और ईमानदारी को नुकसान पहुंचता है, इसलिए सख्त कार्रवाई जरूरी है.
क्या सरकार के अन्य मंत्री भी रडार पर हैं?
इस पूरे मामले में स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहता को भी चेतावनी देने की बात सामने आई है. उन पर आरोप है कि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया. इससे साफ संकेत मिलते हैं कि बालेन शाह की सरकार में जवाबदेही को लेकर सख्ती बढ़ रही है.
नेपाल के युवा नेताओं की क्यों हो रही चर्चा?
नेपाल की राजनीति में इन दिनों युवा नेताओं की भूमिका भी चर्चा में है. खासतौर पर गृह मंत्री सुदन गुरूंग को लेकर बातें हो रही हैं, जिनकी उम्र करीब 36 साल बताई जा रही है. वे मार्च 2026 से देश के गृह मामलों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. युवा नेतृत्व और तेज फैसलों की वजह से नेपाल की राजनीति में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है.
क्या बालेन शाह बदल रहे हैं राजनीति का तरीका?
बालेन शाह की कार्यशैली पारंपरिक राजनीति से अलग नजर आ रही है. वे न सिर्फ फैसले ले रहे हैं, बल्कि आम लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश भी कर रहे हैं. यही वजह है कि लोग उन्हें ‘एक्शन मोड’ वाला नेता कह रहे हैं.




