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Iran से अब जमीन से दो-दो हाथ क्यूं करना चाहते हैं ट्रंप? मकसद कुछ छीनना या तोड़ना- 5 Points में समझें पूरी कहानी

डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमले का प्लान कर रहे हैं. इसके पीछे उनके कई मकसद बताए जा रहे है. मौजूदा वक्त पर ईरान ने ट्रंप के नाक में दम किया हुआ है. 28 फरवरी को शुरू हुई जंग में अभी रुकने का नाम नहीं ले रही है.

Donald Trump and Mojtoba Khamenei
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( Image Source:  X-@ANI )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी3 Mins Read

Updated on: 30 March 2026 2:12 PM IST

America Intention with Iran: अमेरिका सीधे तौर पर ईरान पर जमीनी हमले का प्लान बना रहा है. 28 फरवरी 2026 को हवाई हमले से शुरू हुई यह जंग अब ग्राउंड इनवेज़न पर पहुंचती दिख रही है. डोनाल्ड ट्रंप ने 10 हजार सैनिकों को गल्फ में तैनात करने का फैसला किया है. बीते रोज़ ही 3500 मरीन्स मोर्चा संभालने के लिए पहंचे थे.

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर मकसद क्या है? जमीनी हमले का मकसद कुछ छीनना है या फिर वह ईरान को तोड़ना चाहते हैं. आइये जानते हैं पूरी डिटेल

ईरान पर जमीनी हमले का क्या है मकसद? 5 प्वाइंट्स में समझें

1. अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump reportedly ईरान में इसलिए जमीनी सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं, ताकि करीब 970 पाउंड (लगभग 400 किलोग्राम) समृद्ध यूरेनियम को कब्जे में लिया जा सके. माना जा रहा है कि इस यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है. रविवार रात उन्होंने कहा कि उन्हें हमें अपना ‘न्यूक्लियर डस्ट’ देना होगा,” यानी उन्हें अपना समृद्ध परमाणु सामग्री सौंपनी पड़ेगी.

2. अमेरिका के ग्राउंड इनवेज़न का मतलब Kharg Island पर कब्जा भी माना जा रहा है. यह आइलैंड ईरान की रीढ़ माना जाता है. बीते रोज़ ट्रंप ने अपने बयान में कहा,"सच कहूं तो मेरी पसंद ईरान का तेल लेना है, लेकिन अमेरिका में कुछ लोग पूछते हैं कि ऐसा क्यों किया जाए. वे लोग गलत हैं.” अगर इस आइलैंड पर ट्रंप कब्जा करते हैं ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से हिल जाएगी और ट्रंप के हाथों में ऑयल का बड़ा सोर्स आ जाएगा.

3. माना जा रहा है कि अमेरिका की नजर ईरान के मिनिरल्स पर भी है. ईरान कई तरह के मिनिरल्स का ग्लोबल प्रोड्यूजर माना जाता है. इसकी गिनती टॉप 15 मिनिरल रिच देशों में होती है. ईरान के पास लोहे की खाने, कॉपर, ज़िंक, लेड, गोल्ड, कोयला और इसके साथ ही जिपसम की खाने हैं.

4. अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने की कोशिश कर रहा है. खासतौर पर अमेरिका परमाणु ठिकानों पर कब्जा चाहता है, साथ ही बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक और क्षेत्रीय सहयोगी समूहों को मिलने वाले समर्थन करना उसका अहम मकसद है. अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है और कामयाब होता है तो उसके मिसाइल से स्टॉक्स और ड्रोन्स पर भी उसका कब्जा हो जाएगा.

5. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कब्जा होने से अमेरिका को वर्ल्ड ट्रेड पर मजबूत पकड़ मिल जाएगी. वह आसानी से दुनिया भर में आने जाने वाले जहाजों पर नजर रख सकता है. यहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल जाता है. अमेरिका चाहता है कि यहां कोई रुकावट न हो और कब्जा होने पर वह पूरी दुनिय पर दवाब बनाने लायक हो जाएगा.

ईरान इजरायल युद्धवर्ल्‍ड न्‍यूज
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