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ISS पर छह महीने, लो अर्थ ऑर्बिट से बाहर जाने वाले पहले Black एस्ट्रोनॉट, फाइटर पायलट से ऐसे बने Victor Glover स्पेस के हीरो

फाइटर पायलट से अंतरिक्ष यात्री बने Victor Glover ने International Space Station (ISS) पर छह महीने बिताकर अपनी काबिलियत साबित की और अब Artemis II के जरिए लो अर्थ ऑर्बिट से बाहर जाने वाले पहले ब्लैक एस्ट्रोनॉट बनकर इतिहास रच दिया है.

Astronaut Victor Glover
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who is Artemis II Astronaut Victor Glover

हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Published on: 7 April 2026 1:39 PM

NASA

अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री Victor Jerome Glover Jr. की कहानी मेहनत, हिम्मत और सपनों को सच करने का शानदार उदाहरण है. एक फाइटर पायलट के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले ग्लोवर ने International Space Station (ISS) पर करीब छह महीने बिताकर अंतरिक्ष में अपनी मजबूत पहचान बनाई. इस दौरान उन्होंने स्पेसवॉक से लेकर कई अहम तकनीकी जिम्मेदारियां निभाईं.

अब Artemis II मिशन के साथ उन्होंने इतिहास रच दिया है. वह इस मिशन के तहत, पृथ्वी की निचली कक्षा से बाहर जाने वाले पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं, जो मानव अंतरिक्ष यात्रा के नए युग की शुरुआत को दिखाता है.

कौन हैं विक्टर ग्लोवर?

विक्टर ग्लोवर अमेरिका के कैलिफोर्निया के रहने वाले हैं. उनके पिता पुलिस अधिकारी थे. चपन से ही उन्हें पढ़ाई और खेल दोनों में रुचि थी. स्कूल के दिनों में वे एक अच्छे फुटबॉल खिलाड़ी थे और उन्हें “एथलीट ऑफ द ईयर” का खिताब भी मिला.

इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन

ग्लोवर ने California Polytechnic State University से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने अपने ज्ञान को और मजबूत करने के लिए तीन अलग-अलग संस्थानों से मास्टर्स डिग्री ली. इनमें फ्लाइट टेस्ट इंजीनियरिंग, सिस्टम इंजीनियरिंग और मिलिट्री ऑपरेशनल साइंस जैसे विषय शामिल थे.

नेवी करियर और पायलट बनने का सफर

1999 में ग्लोवर ने अमेरिकी नौसेना (Navy) जॉइन की और एक पायलट के रूप में ट्रेनिंग ली. उन्होंने F/A-18 जैसे फाइटर जेट उड़ाए और कई महत्वपूर्ण मिशनों में हिस्सा लिया. अपने करियर में उन्होंने 3000 से ज्यादा फ्लाइट घंटे पूरे किए और 40 से ज्यादा टाइप के विमान उड़ाए. वे एक टेस्ट पायलट भी बने, जो किसी भी पायलट के लिए बेहद कठिन और प्रतिष्ठित अचीवमेंट मानी जाती है. इसके अलावा, उन्होंने युद्ध मिशनों में भी भाग लिया, जिससे उनकी क्षमता और साहस का अंदाजा लगाया जा सकता है.

NASA में सेलेक्शन और अंतरिक्ष यात्रा

साल 2013 में ग्लोवर का सेलेक्शन NASA के अंतरिक्ष यात्री समूह में हुआ. कड़ी ट्रेनिंग के बाद उन्होंने 2020 में SpaceX Crew-1 मिशन के जरिए अंतरिक्ष की पहली उड़ान भरी. इस मिशन के दौरान वे International Space Station पर करीब छह महीने तक रहे. इस दौरान उन्होंने कई स्पेसवॉक किए और स्टेशन के तकनीकी कार्यों में अहम भूमिका निभाई. वे पहले कैरेबियन-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बने, जिन्होंने ISS पर लंबा समय बिताया.

आर्टेमिस II मिशन और अचीवमेंट्स

2026 में ग्लोवर को Artemis II मिशन के लिए पायलट चुना गया. यह मिशन चंद्रमा के आसपास मानव मिशन भेजने की दिशा में एक बड़ा कदम है. इस मिशन के साथ उन्होंने इतिहास रच दिया. वे पहले अश्वेत व्यक्ति बने जो पृथ्वी की निचली कक्षा से बाहर गए. यह मिशन न सिर्फ तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि मानव इतिहास के लिए भी एक नई दिशा तय करता है. ग्लोवर और उनकी टीम अब तक पृथ्वी से सबसे दूर जाने वाले इंसानों में शामिल हो चुके हैं.

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