शेख हसीना की PC में शामिल होने के कुछ घंटों बाद शाकिब अल हसन के घर पर पेट्रोल बम हमला, मचा बवाल- देखिए हैरान कर देना VIDEO
शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के कुछ घंटों बाद बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेट कप्तान शाकिब अल हसन के मगुरा स्थित घर पर अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर हमला कर दिया. हमलावरों ने ईंट-पत्थर बरसाए, खिड़कियां तोड़ीं और पेट्रोल बम फेंककर आग लगाने की कोशिश की.
बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और दुनिया के महान ऑलराउंडरों में गिने जाने वाले शाकिब अल हसन एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह क्रिकेट नहीं, बल्कि राजनीति है. बुधवार शाम बांग्लादेश के मगुरा स्थित उनके पैतृक घर पर अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर ईंट-पत्थर बरसाए, खिड़कियों में तोड़फोड़ की और पेट्रोल बम फेंकने की भी कोशिश की.
यह घटना ऐसे समय हुई जब शाकिब ने भारत के नई दिल्ली से वर्चुअली संबोधित पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. इस हमले के बाद एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर शाकिब अल हसन कौन हैं और क्रिकेट के सबसे बड़े सितारे से राजनीतिक विवादों के केंद्र तक उनका सफर कैसे पहुंचा?
बांग्लादेश क्रिकेट का सबसे बड़ा नाम
24 मार्च 1987 को बांग्लादेश के मगुरा जिले में जन्मे शाकिब अल हसन को देश के क्रिकेट इतिहास का सबसे सफल खिलाड़ी माना जाता है. बाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज शाकिब ने वर्षों तक बांग्लादेश की जीत की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई. तीनों फॉर्मेट में उन्होंने टीम की कप्तानी भी की और कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं.
वनडे, टेस्ट और टी-20 क्रिकेट में शाकिब ने हजारों रन बनाने के साथ-साथ सैकड़ों विकेट भी लिए. वह दुनिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में लंबे समय तक ICC रैंकिंग में नंबर-1 ऑलराउंडर का स्थान हासिल किया.
IPL से लेकर दुनिया भर की लीगों में खेला
शाकिब सिर्फ बांग्लादेश तक सीमित नहीं रहे. उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया. इसके अलावा कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL), लंका प्रीमियर लीग (LPL), पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) समेत दुनिया की कई फ्रेंचाइजी लीगों में भी अपनी छाप छोड़ी.
क्रिकेट से राजनीति तक का सफर
साल 2024 में शाकिब अल हसन ने क्रिकेट के साथ राजनीति में भी कदम रखा. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के टिकट पर मगुरा-1 सीट से चुनाव लड़ा और सांसद बने. हालांकि इसी साल बांग्लादेश में बड़े राजनीतिक उथल-पुथल के बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई और अवामी लीग पर राजनीतिक गतिविधियों को लेकर प्रतिबंध लगा दिया गया.
सरकार बदलने के बाद शाकिब की राजनीतिक भूमिका भी विवादों में आ गई. उन पर कई कानूनी मामले दर्ज किए गए, जिनमें हत्या के एक मामले में भी उनका नाम सामने आया. हालांकि उन्होंने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वे बांग्लादेश लौटना चाहते हैं, लेकिन तभी जब उनकी सुरक्षा की गारंटी दी जाए.
देश छोड़कर विदेश में रह रहे हैं शाकिब
शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से शाकिब बांग्लादेश वापस नहीं लौटे हैं. वह अपने परिवार के साथ अमेरिका में रह रहे हैं और दुनिया भर की टी-20 लीगों में खेलते रहे हैं. उन्होंने कई बार कहा है कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं की वजह से फिलहाल देश लौटना संभव नहीं है. हालांकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने उनके लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए हैं.
घर पर हमला क्यों चर्चा में है?
बुधवार रात मगुरा शहर के केशब मोड़ स्थित शाकिब के घर पर अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर हमला कर दिया. हमलावरों ने घर पर ईंट-पत्थर फेंके, खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और पेट्रोल बम से आग लगाने की भी कोशिश की. पुलिस के मुताबिक घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन घर को नुकसान पहुंचा.
यह हमला उस समय हुआ जब शाकिब ने नई दिल्ली से वर्चुअली संबोधित शेख हसीना की प्रेस वार्ता में हिस्सा लिया था. इस कार्यक्रम में हसीना ने अपनी सरकार का बचाव करते हुए अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की थी. हालांकि अवामी लीग के नेताओं ने हमले को शाकिब की राजनीतिक भागीदारी से जोड़कर देखा है, लेकिन बांग्लादेश पुलिस ने अभी तक हमले के पीछे की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और हमलावरों की पहचान भी नहीं हो सकी है.
क्रिकेटर से कहीं बढ़कर एक विवादित राजनीतिक चेहरा
एक समय केवल क्रिकेट के प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले शाकिब अल हसन आज बांग्लादेश की राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में भी शामिल हैं. मैदान पर रिकॉर्ड बनाने वाले इस स्टार खिलाड़ी का राजनीतिक सफर उन्हें लगातार विवादों के केंद्र में लेकर आया है. अब उनके घर पर हुए हमले ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में शाकिब अल हसन सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक चेहरा भी बन चुके हैं.




