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कौन है कमल, जिसकी FBI को है तलाश, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन, आखिर क्यों FBI ने वॉन्टेड लिस्ट में किया शामिल?

अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े कथित आपराधिक नेटवर्क पर शिकंजा और कसता जा रहा है. अब FBI ने एक भारतीय नागरिक को अपनी वांटेड सूची में शामिल किया है. कोर्ट रिकॉर्ड में इस शख्स की पहचान “नो नेम गिवेन कमल” के तौर पर दर्ज है.

कौन है कमल, जिसकी FBI को है तलाश, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन, आखिर क्यों FBI ने वॉन्टेड लिस्ट में किया शामिल?
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हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत4 Mins Read

Updated on: 21 Aug 2026 9:33 AM IST

अमेरिका की जांच एजेंसी FBI ने भारतीय नागरिक कमल को अपनी वॉन्टेड लिस्ट में शामिल किया है. अमेरिकी कोर्ट के रिकॉर्ड में उसका नाम “No Name Given Kamal” दर्ज है. आरोप है कि उसका संबंध लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े कथित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क से है और वह जबरन वसूली की साजिश में शामिल रहा है. इसी मामले में अमेरिका की एक संघीय अदालत ने 1 जुलाई को उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था.

FBI अब कमल की तलाश कर रही है और उसकी लोकेशन के बारे में जानकारी जुटा रही है. अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि बिश्नोई से जुड़ा नेटवर्क भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा और यूरोप में भी आपराधिक गतिविधियां चला रहा है. इसी नेटवर्क पर कार्रवाई के तहत ऑपरेशन हार्ड बॉल चलाया जा रहा है. हालांकि, कमल पर लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं.

कौन है FBI की तलाश में आया कमल?

FBI के मुताबिक, कमल का नाम लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप से जुड़े मामले में सामने आया है. उस पर आरोप है कि उसने कथित तौर पर ऐसी साजिश में हिस्सा लिया, जिसका मकसद जबरन वसूली के जरिए कारोबार में दखल देना था. अमेरिकी जांच एजेंसी ने लोगों से कमल के बारे में जानकारी शेयर करने की अपील की है. एजेंसी का कहना है कि उसकी तलाश इस कथित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क में भूमिका को लेकर की जा रही है. हालांकि, ये सभी आरोप हैं और अदालत में साबित होना बाकी है.

बिश्नोई नेटवर्क पर क्यों बढ़ा दबाव?

अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक, भारत से जुड़े कुछ संगठित अपराध समूहों ने अपनी गतिविधियों का दायरा दूसरे देशों तक बढ़ाया है. इनमें कथित तौर पर वसूली, हत्या, नशीले पदार्थों की तस्करी और हथियारों से जुड़े अपराध शामिल हैं. इसी नेटवर्क को लेकर अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं. जुलाई में हुई बड़ी कार्रवाई के बाद भी जांच और गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी है.

क्या है ऑपरेशन हार्ड बॉल?

ऑपरेशन हार्ड बॉल अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई है. इसका निशाना भारत से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह थे, जिनमें लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर धंधा से जुड़े नेटवर्क शामिल हैं. 7 जुलाई 2026 को अमेरिका के न्याय विभाग ने बताया था कि तीन अलग-अलग मामलों में कुल 37 लोगों पर आरोप लगाए गए. इनमें से 24 लोगों को अमेरिका, कनाडा और यूरोप में गिरफ्तार किया गया था, जबकि 10 आरोपी फरार बताए गए थे. कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में कोकीन, हेरोइन, नकदी और हथियार भी जब्त किए गए.

अब कमल की तलाश क्यों अहम?

ऑपरेशन हार्ड बॉल के बाद भी अमेरिकी एजेंसियां ऐसे लोगों की तलाश कर रही हैं, जिन पर इन नेटवर्क की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों में शामिल होने का शक है. कमल का नाम इसी कार्रवाई के आगे बढ़ने की एक कड़ी के तौर पर सामने आया है. FBI अब उसकी लोकेशन और कथित भूमिका से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी है.

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