बांग्लादेश में क्या हो रहा है? 26 दिन में 8 हिंदुओं की हत्या: अब ऑटो चालक समीर कुमार दास को पीट-पीट कर मार डाला
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का सिलसिला एक बार फिर सामने आया है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चटगांव के डागनभुइयां इलाके में 28 वर्षीय हिंदू ऑटो चालक समीर दास की बेरहमी से पीट-पीटकर और चाकू मारकर हत्या कर दी गई. इसके साथ ही बताया जा रहा है कि 26 दिन में 8 हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है.
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का सिलसिला एक बार फिर सामने आया है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चटगांव के डागनभुइयां इलाके में 28 वर्षीय हिंदू ऑटो चालक समीर दास की बेरहमी से पीट-पीटकर और चाकू मारकर हत्या कर दी गई. यह घटना रविवार रात की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है.
घटना के बाद हमलावर समीर दास की बैटरी से चलने वाली ऑटो-रिक्शा लूटकर फरार हो गए. यह मामला ऐसे वक्त सामने आया है, जब बांग्लादेश में पहले से ही धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर चिंता गहराती जा रही है.
कैसे हुई समीर दास की हत्या?
पुलिस के अनुसार, डागनभुइयां इलाके में ऑटो चलाकर परिवार का पेट पालने वाले समीर दास पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया. हमलावरों ने पहले उन्हें बुरी तरह पीटा और फिर धारदार हथियारों से वार कर मौत के घाट उतार दिया.
डागनभुइयां के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि 'समीर की हत्या देशी हथियारों से की गई और उन्हें बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला गया. प्रथम दृष्टया यह एक सुनियोजित हत्या प्रतीत होती है. हत्या के बाद आरोपियों ने ऑटो-रिक्शा भी लूट लिया. पीड़ित परिवार प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराएगा. पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अभियान शुरू कर दिया है.” पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है.
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले
170 मिलियन आबादी वाले मुस्लिम-बहुल बांग्लादेश में हिंदू आबादी 10 प्रतिशत से भी कम है. साल 2024 में हुए जनउभार के बाद से देश में इस्लामी कट्टरपंथी ताकतों के फिर से उभरने की बात कही जा रही है, जिससे हिंदुओं और सूफी मुस्लिम समुदायों में डर का माहौल है. मानवाधिकार संगठन बांग्लादेश हिंदू बुद्धिस्ट क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल ने अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है. संगठन के मुताबिक, फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों के करीब आते ही सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं में तेजी देखी जा रही है.
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया, बांग्लादेश पर उठाए सवाल
भारत ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के साथ हो रहे व्यवहार पर नाराज़गी जताई है. नई दिल्ली ने साफ कहा है कि वह पड़ोसी देश की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि 'हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, उनके घरों और प्रतिष्ठानों तथा व्यावसायिक संस्थानों पर चरमपंथियों द्वारा किए जा रहे बार-बार के हमलों का एक बेहद चिंताजनक सिलसिला लगातार देख रहे हैं। ऐसे सांप्रदायिक घटनाक्रमों से सख़्ती और त्वरित कार्रवाई के साथ निपटना ज़रूरी है.'
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इन हमलों को व्यक्तिगत रंजिश या राजनीतिक कारण बताकर टालने की प्रवृत्ति खतरनाक है. 'हमने यह भी देखा है कि ऐसी घटनाओं को व्यक्तिगत रंजिश, निजी दुश्मनी, राजनीतिक मतभेद या अन्य बाहरी कारणों से जोड़ने की एक चिंताजनक प्रवृत्ति सामने आ रही है। इस तरह की अनदेखी केवल चरमपंथियों और ऐसे अपराधों के दोषियों का हौसला बढ़ाती है और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच डर और असुरक्षा की भावना को और गहरा करती है.'
बांग्लादेश सरकार का रुख
वहीं, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने भारत पर हिंसा के पैमाने को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया है. हालांकि जमीनी हालात और लगातार सामने आ रही घटनाएं अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं.
बांग्लादेश में अब तक कितने हिंदुओं की हत्या?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बताया जा रहा है कि बांग्लादेश में हिंदुओं को हर दिन निशाना बनाया जा रहा है और दिनदहाड़े कल्त किया जा रहा है. इस बीच सोशल मीडिया में दावा किया जा रहा है कि 26 दिन में अब तक 8 हिंदुओं की हत्या कर दी गई है अब समीर कुमार दास को पीट-पीट कर मार दिया गया है जिसके बाद आटो भी लूट कर ले गए हैं.





