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अब होगी आर-पार की जंग, ईरान को घर में घुसकर मारेगा अमेरिका? जानें सीजफायर खत्म होने से पहले क्यों बढ़ी दुनिया की टेंशन

ईरान के साथ सीजफायर खत्म होने से पहले अमेरिका ने मध्य पूर्व में अतिरिक्त सैनिक भेजना शुरू कर दिया है. अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी के बाद तनाव और बढ़ गया है. ट्रंप का कहना है कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है.

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ईरान-अमेरिका के बीच हो सकता है 'महायुद्ध'

( Image Source:  Sora_ AI )

Iran Israel War: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा सैन्य कदम उठाने की तैयारी कर ली है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के साथ जारी दो सप्ताह का सीजफायर खत्म होने से पहले अमेरिका अतिरिक्त सैनिकों और युद्धपोतों को क्षेत्र में भेज रहा है. इससे एक बार फिर टकराव की आशंका बढ़ गई है.

The Washington Post की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 6,000 सैनिकों को लेकर USS George H.W. Bush एयरक्राफ्ट कैरियर और उससे जुड़े युद्धपोत महीने के अंत तक मिडिल ईस्ट पहुंच जाएंगे. इसके अलावा Boxer Amphibious Ready Group के साथ करीब 4,200 नौसेना और मरीन कर्मियों को भी तैनात किया जा रहा है.

इन सैनिकों में 11th Marine Expeditionary Unit भी शामिल है, जो अमेरिकी सेना की तेज प्रतिक्रिया देने वाली विशेष यूनिट मानी जाती है. इनकी तैनाती के बाद क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की संख्या करीब 50,000 तक पहुंच सकती है.

कब खत्म हो रहा सीजफायर?

अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का सीजफायर 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है. इसी बीच दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू होने की संभावना भी जताई जा रही है. हालांकि सैनिकों की तैनाती से संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका किसी भी स्थिति के लिए तैयारी कर रहा है.

ट्रंप बोले- जल्द खत्म हो सकता है युद्ध

Donald Trump ने Fox Business को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान के साथ संघर्ष 'बहुत जल्द खत्म हो सकता है.' ट्रंप ने कहा, "अगर वे समझदारी दिखाते हैं तो यह बहुत जल्द खत्म हो सकता है." उन्होंने यह भी दावा किया कि युद्ध खत्म होने के बाद तेल और गैस की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है.

ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी क्यों कर रहा अमेरिका?

शांति वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी का ऐलान किया. बताया जा रहा है कि यह फैसला इस्लामाबाद में 21 घंटे चली बातचीत के विफल होने के बाद लिया गया. इस कदम पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ईरानी सेना के अधिकारी Ali Abdollahi ने कहा कि अमेरिकी घेराबंदी सीजफायर उल्लंघन की शुरुआत हो सकती है. उन्होंने चेतावनी दी कि फारस की खाड़ी, ओमान सागर और लाल सागर में ईरान अपनी कार्रवाई कर सकता है.

समुद्री व्यापार पर क्या होगा असर?

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की करीब 90% अर्थव्यवस्था समुद्री व्यापार पर निर्भर है. अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि घेराबंदी लागू होने के 36 घंटे के भीतर ही ईरान का समुद्री व्यापार लगभग ठप हो गया है. US Central Command ने कहा कि अमेरिकी सेना मध्य पूर्व में समुद्री नियंत्रण बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर ईरानी जहाजों की तलाशी भी ली जा सकती है.

क्या अब ईरान और अमेरिका के बीच नहीं होगी बातचीत?

विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती, नौसैनिक घेराबंदी और सीजफायर खत्म होने की समय सीमा इन सब कारणों से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है. हालांकि बातचीत की संभावना बनी हुई है, लेकिन हालात तेजी से बदल रहे हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.

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