Explainer: समंदर के रास्ते कैसे स्पेन में घुसी हजारों की भीड़, याद आया साल 2021 वाला मंजर, 18 की मौत के बाद अब क्या है सरकार का प्लान ?
स्यूटा शहर के जरिए हजारों की संख्या में लोग स्पेन में घुस गए हैं, जिसके बाद स्पेन सरकार ने वहां सेना भेजने का फैसला किया है. अवैध तरीके से घुसने के दौरान बॉर्डर पर भगदड़ भी देखने को मिली जिससे 18 लोगों की जान चली गई.
Spain Morocco Border
स्पेन और मोरक्को के बीच एकबार फिर से सीमा विवाद खड़ा होता दिखाई दे रहा है. हाल ही में समंदर के रास्ते हजारों की भीड़ स्पेन में घुस गई. जिसको लेकर देश अफरा-तफरी का माहौल है. हजारों लोगों ने स्पेन के स्यूटा शहर में अवैध तरीके से घुसने की कोशिश की, इस दौरान हुई भगदड़ में 18 लोगों के मारे जाने की भी जानकारी सामने आई है. सीमा पर हालात इतने तेजी से बिगड़े कि स्पेन सरकार को सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए सेना की तैनाती का फैसला करना पड़ा.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्पेन सरकार ने घोषणा की है कि स्यूटा में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिविल गार्ड की सहायता हेतु सेना भेजी जाएगी. सरकार ने यह भी जानकारी दी कि प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांदे-मार्लास्का के साथ शुक्रवार को स्यूटा का दौरा करेंगे और वहां की स्थिति का जायजा लेंगे.
क्या बोले सीमा पर तैनात सिविल गार्ड?
स्यूटा सीमा पर तैनात सिविल गार्ड अधिकारियों के संगठन के प्रमुख राशिद स्बीही ने समाचार एजेंसी AP से बातचीत में कहा "हालात पूरी तरह अराजक हैं. सही संख्या बताना मुश्किल है, लेकिन हजारों लोग सीमा पार कर रहे हैं. सीमा व्यवस्था पूरी तरह टूट चुकी है." उनके अनुसार सीमा पर मौजूद सुरक्षा बल लगातार भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन प्रवासियों की संख्या इतनी अधिक है कि हालात संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया है.
उत्तरी मोरक्को के मानवाधिकार संगठन से जुड़े अशरफ मैमूनी ने इस पूरे घटनाक्रम को असाधारण करार दिया. उन्होंने बताया कि सुबह तराजाल सीमा को असामान्य परिस्थितियों में खोला गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग स्यूटा की ओर बढ़ने लगे. चश्मदीदों के अनुसार अधिकांश लोग समुद्र तैरकर या सीमा की बाड़ पार करके स्पेन में दाखिल हुए. वायरल वीडियो में बड़ी संख्या में युवा पुरुषों के साथ महिलाओं और छोटे बच्चों वाले परिवारों को भी सीमा पार करते देखा गया.
क्यों स्पेन में घुस रहे इतने लोग?
घटनास्थल पर मौजूद AP के एक फोटोग्राफर के अनुसार, कई लोग सीमा पार करने के बाद "वीवा एस्पान्या" यानी "स्पेन जिंदाबाद" के नारे लगा रहे थे. हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में लोगों के अचानक स्यूटा पहुंचने की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है. अधिकारियों और विशेषज्ञों की ओर से मामले की जांच जारी है.
क्यों जताई इटली ने चिंता?
स्यूटा में पैदा हुए इस संकट का असर यूरोप के अन्य देशों पर भी दिखाई देने लगा है. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नियंत्रण में नहीं आई तो वह अपने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्पेन के साथ लागू शेंगेन समझौते को निलंबित करने पर विचार कर सकती हैं. हालांकि, इटली की स्पेन से कोई सीधी स्थलीय सीमा नहीं लगती, फिर भी यूरोप में बढ़ते अवैध प्रवासन को लेकर वहां की सरकार चिंतित है.
क्या है स्पेन आने की वजह?
मोरक्को के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि हालिया कानूनी या प्रशासनिक फैसलों को इस घटना का प्रमुख कारण नहीं माना जा सकता. उनका कहना है कि अधिकांश प्रवासियों को ऐसे निर्णयों की जानकारी भी नहीं होती. रिपोर्ट के अनुसार, बेहतर रोजगार, आर्थिक अवसरों और हिंसा से सुरक्षित जीवन की तलाश ही बड़ी संख्या में लोगों को यूरोप की ओर पलायन के लिए प्रेरित करती है.
स्पेन में घुसने के लिए क्यों चुना स्यूटा?
अफ्रीका के उत्तरी तट पर स्थित स्पेन का स्वायत्त शहर स्यूटा लंबे समय से यूरोप में प्रवेश का प्रमुख मार्ग माना जाता है. मोरक्को के फनिदेक शहर से इसकी दूरी समुद्र के रास्ते करीब पांच किलोमीटर है, जिसे पार कर कई प्रवासी स्पेन पहुंचने की कोशिश करते हैं. इसके अलावा कुछ लोग बेल्यूनेश क्षेत्र से भी समुद्री रास्ते के जरिए स्यूटा तक पहुंचने का प्रयास करते हैं, जहां दूरी कम मानी जाती है.
साल 2021 में क्या हुआ था?
मौजूदा घटनाक्रम ने मई 2021 के उस बड़े सीमा संकट की याद ताजा कर दी है, जब केवल दो दिनों के भीतर 8 हजार से अधिक प्रवासी स्यूटा में दाखिल हो गए थे. उस समय भी स्पेन और मोरक्को के बीच सीमा सुरक्षा और प्रवासन को लेकर गंभीर विवाद पैदा हुआ था.




