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Sleepy Joe Autopen क्या है? ट्रंप ने क्यों रद्द किए बाइडेन के 92 फीसदी ऑर्डर, अमेरिका में क्या होगा असर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश जारी कर ‘Sleepy Joe’ द्वारा Autopen से हस्ताक्षरित 92 प्रतिशत ऑर्डर रद्द कर दिए हैं. आदेश में कहा गया है कि जो बाइडेन के ये आदेश अवैध थे. उन्होंने खुद हस्ताक्षर नहीं किया था. इसके लिए उन्होंने Autopen का सहारा लिया था. क्या जो बाइडेन द्वारा Autopen का इस्तेमाल गलत था, अगर नहीं तो ट्रंप ने क्यों रद्द कर दिया एग्जीक्युटिव ऑर्डर.

Sleepy Joe Autopen क्या है? ट्रंप ने क्यों रद्द किए बाइडेन के 92 फीसदी ऑर्डर, अमेरिका में क्या होगा असर?
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अमरीका में पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के Autopen को लेकर राजनीतिक तूफान उठ खड़ा हुआ है. इस बात की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार (28 नवंबर) को पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘ऑटोपेन’ (autopen) से हस्ताक्षरित लगभग 92% कार्यकारी आदेश (executive orders) को रद्द कर दिए. ट्रंप के इस आदेश से अमेरिका में भूचाल ला दिया है. ट्रंप का कहना है कि बाइडेन के आदेश अवैध थे, क्योंकि बाइडेन ने उन्हें स्वयं हस्ताक्षर नहीं किए थे.

Sleepy Joe Autopen क्या है?

'Sleepy Joe Autopen' बाइडेन को लेकर ट्रंप और उनके समर्थकों का तंज है. वे बाइडेन की उम्र व मानसिक फिटनेस के आधार पर यह उपनाम इस्तेमाल करते हैं. ट्रंप ने बार-बार दावा किया है कि बाइडेन अपने कार्यकाल में 'कार्यपालिका की कमान' खुद नहीं संभाल पाए.

'Sleepy Joe Autopen' में Autopen एक स्वचालित मशीन होती है, जो पहले से डिजाइन किए गए हस्ताक्षर को दोहराती है. यानी बगैर बार-बार हाथ से लिखे, किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर की प्रतिलिपि बना सकती है. यह अमेरिका में दशकों से प्रशासनिक दस्तावेजों को जल्द साइन करने के लिए इस्तेमाल होती रही है.




ट्रंप के फैसले में क्या है?

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक 28 नवंबर 2025 को ट्रंप ने सोशल मीडिया (X/Truth Social) पर लिखा कि “स्लीपी जो बाइडेन ने ऑटोपेन से जिस भी डॉक्यूमेंट पर साइन किया था, उनकी संख्या कुल हस्ताक्षर के लगभग 92% थे, उसे खत्म कर दिया गया है.अब उनका कोई असर नहीं होगा.” यानी उन सभी दस्तावेजों, कार्यकारी आदेशों को रद्द किया जा रहा है, जिस पर बाइडेन का ऑटोपेन-हस्ताक्षर था. उन्होंने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर पूर्व प्रेसिडेंट पर 'झूठी गवाही के आरोप' लग सकते हैं. अगर वह कहते हैं कि उनके स्टाफ ने उनके आदेशों के तहत काम किया था.

अमेरिका मेक ग्रेट अगेन (MAGA) के चीफ ने ट्रुथ पर पोस्ट में लिखा, "स्लीपी जो बाइडेन द्वारा ऑटोपेन के साथ साइन किया गया कोई भी डॉक्यूमेंट, जो उनमें से लगभग 92% थे, अब खत्म कर दिया गया है, और अब उनका कोई असर या ताकत नहीं है. अगर यूनाइटेड स्टेट्स के राष्ट्रपति द्वारा खास तौर पर मंजूरी नहीं दी जाती है, तो ऑटोपेन का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है."

डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ये आदेश अवैध थे क्योंकि बाइडेन ने उन्हें स्वयं हस्ताक्षर नहीं किया था और अगर किसी ने दावा किया कि बाइडेन ने स्वीकृति दी थी तो वह 'perjury' (झूठी शपथ) के तहत दायित्व का सामना करेगा. उन्होंने यह भी कहा है कि भविष्य में Autopen का उपयोग केवल राष्ट्रपति की स्पष्ट अनुमति पर ही हो सकता है.

ट्रंप के फैसले का मकसद क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इस फैसले को चुनावी व राजनीतिक स्पर्धा में अपने अभियान का हिस्सा बना सकते हैं. ऐसा वह पूर्व प्रशासन की नीतियों को पलटने जैसे वादों को मजबूत दिखाने के लिए कर सकते हैं. ऐसा कर वह बाइडेन के प्रति अपनी आलोचनाओं जैसे कि वे शारीरिक और मानसिक अक्षमता के शिकार थे, को साबित कर पाएंगे. ताकि उनकी छवि अमेरिकी राष्ट्रपतियों में अलग बन सके.

अमेरिकी व्यवस्था पर क्या होगा असर?

  • Autopen का इस्तेमाल अमेरिकी प्रशासन में नया नहीं है. पूर्व राष्ट्रपति और अन्य अधिकारी भी कभी-कभी इसे कामकाज की सुविधा के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं.
  • अमेरिकी कानून के जानकारों का कहना है, 'अगर ट्रंप का यह दावा स्वीकार हुआ, तो यह एक बहुत खतरनाक मिसाल बनेगा, क्योंकि इससे किसी भी पूर्व आदेश, पॉलिसी या प्रशासनिक कार्रवाई को ‘रद्द’ करना आसान हो जाएगा.'
  • इसके अलावा, अमेरिकी इतिहास में यह पहली बार है जब एक राष्ट्रपति इस तरह से अपने पूर्ववर्ती के ऑर्डर को 'व्यवहारिक रूप से शून्य' बताकर रद्द किया गया है. इससे संवैधानिक स्थिति और प्रशासनिक विश्वसनीयता को बड़ा झटका लग सकता है.
  • यह आदेश कानूनी रूप से लागू हुआ तो बड़े पैमाने पर पर्यावरण नीति, इमीग्रेशन, शिक्षा, हेल्थकेयर, पेनल्टी/छूट, फरमान आदि अचानक बदल सकते हैं या रद्द हो सकते हैं, जिनके लाभार्थी लाखों नागरिक हो सकते हैं.
  • इससे अमेरिका में प्रशासनिक अस्थिरता, कानूनी विवाद और न्यायालय के दरवाजे खुलने की सम्भावना बढ़ जाएगी.
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की विश्वसनीयता विशेषकर पॉलिसी निरंतरता व कानूनी स्थिरता को लेकर - सवालों के घेरे में आ सकती है.

‘Sleepy Joe’ Autopen विवाद चर्चा में क्यों?

  • इस फैसले ने दिखा दिया कि जो पहले रूटीन या प्रशासनिक सुविधा माना जाता था, वह अब बड़े राजनीतिक एवं संवैधानिक विवाद का कारण बन गया है. यह इस बात का संकेत है कि अमेरिकी राष्ट्रपति शक्ति - सिर्फ हस्ताक्षर, प्रक्रिया या प्रशासनिक सुविधा से नहीं, बल्कि स्व-कर्तव्य और व्यक्तिगत नियंत्रण से जुड़ी है.
  • इसके अलावा, यह विवाद अमेरिका में लोकतांत्रिक, संवैधानिक स्थिरता और राज्य के आदेशों की वैधता पर बहस को तेज कर देगा.
  • दरअसल, ट्रंप लंबे समय से दावा करते रहे हैं कि बाइडेन अपने चार साल के कार्यकाल के दौरान ज्यादातर गैर-मौजूद रहे और बिना चुने हुए सहयोगी बिना सही इजाजत के उनकी जगह देश चला रहे थे. उन्होंने बाइडेन के कई एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पहले ही रद्द कर दिए हैं और यह भी कहा कि उनके कुछ माफी के आदेश अमान्य हो सकते हैं.

जांच में नहीं मिले थे सबूत

टीओआई ने न्यूयॉर्क पोस्ट के हवाले से बताया है कि, 'इस साल की शुरुआत में बाइडेन के ऑटोपेन इस्तेमाल की हाउस आफ रिप्रेजेंटेटिव जांच में इस बात का कोई सीधा सबूत नहीं मिला था कि सहयोगियों ने प्रेसिडेंट की मंजूरी के बिना काम किया. जांच में पाया गया कि बाइडेन वेस्ट विंग के खास अधिकारियों से बहुत कम मिलते थे और इस बात को लेकर अंदरूनी चिंताएं थीं कि उनके बोलकर दिए गए निर्देशों का पालन कैसे किया जा रहा है, जिसमें कार्यकाल के आखिर में माफी पर जरूरी फैसले भी शामिल हैं.

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