Russia-Ukraine War का नया चेहरा, Zelensky का दावा- रूस के साथ सैनिक नहीं रोबोट लड़ रहे, 22,000 मिशन किए पूरे
रूस-यूक्रेन युद्ध अब हाई-टेक दौर में पहुंच चुका है, जहां यूक्रेन रोबोट्स और ड्रोन के जरिए लड़ाई लड़ रहा है. Volodymyr Zelensky ने दावा किया है कि बिना सैनिकों के एक रूसी पोस्ट पर कब्जा कर लिया गया.
Russia-Ukaraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध, जो 2022 में शुरू हुआ था, अब केवल इंसानों के बीच नहीं लड़ा जा रहा है. यह युद्ध अब हाई-टेक रूप ले चुका है, जहां यूक्रेन रूस के खिलाफ मानवरहित ग्राउंड व्हीकल्स यानी रोबोट का इस्तेमाल कर रहा है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि पहली बार यूक्रेन ने एक रूसी पोस्ट पर पूरी तरह मानवरहित सिस्टम और रोबोट्स के जरिए कब्जा किया. उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में दुश्मन ने सरेंडर कर दिया और इसमें कोई पैदल सैनिक शामिल नहीं था, साथ ही यूक्रेन की तरफ से कोई नुकसान भी नहीं हुआ.
जेलेंस्की ने क्या कहा?
जेलेंस्की ने बताया कि तकनीक किस तरह इंसानी जान बचा रही है, इसका उदाहरण पिछले तीन महीनों में देखने को मिला है. इस दौरान ग्राउंड रोबोट्स ने 22,000 से ज्यादा मिशन पूरे किए. उन्होंने कहा कि रैटल, टरमिट, अर्दल, रीस, ज्मीय, प्रोटेक्टर और वोलिया जैसे रोबोटिक सिस्टम्स ने खतरनाक इलाकों में जाकर काम किया, जिससे हजारों सैनिकों की जान बची. उन्होंने कहा कि यूक्रेन का डिफेंस इंडस्ट्री तेजी से मजबूत हो रहा है और हर साल लाखों फर्स्ट-पर्सन व्यू (FPV) ड्रोन, इंटरसेप्टर्स और बड़ी संख्या में हथियार तैयार किए जा रहे हैं.
जेलेंस्की ने अपनी सैन्य क्षमता के बारे में क्या कहा?
जेलेंस्की ने यह भी बताया कि यूक्रेन के पास अब अपनी लंबी दूरी की मिसाइलें हैं, जो सिर्फ विकास के चरण में नहीं बल्कि सक्रिय रूप से इस्तेमाल में हैं. उन्होंने फ्लेमिंगो, रूटा, पेक्लो, नेपच्यून, पलियानित्सिया और विल्खा जैसे सिस्टम्स का जिक्र करते हुए कहा कि देश इस पर गर्व करता है, लेकिन यहीं नहीं रुकेगा.
उन्होंने कहा कि यूक्रेन के ड्रोन अब सीमा से 1,750 किलोमीटर तक हमला करने में सक्षम हैं और इस क्षमता को आगे और बढ़ाया जाएगा. उन्होंने इसे रिकॉर्ड बनाने का मामला नहीं बल्कि न्याय का सवाल बताया, जो दुनिया के किसी भी कोने तक पहुंच सकता है.
समुद्री सुरक्षा को लेकर क्या बोले जेलेंस्की?
जेलेंस्की ने समुद्री सुरक्षा को लेकर भी दावा किया कि यूक्रेन को ब्लैक सी में मिशन चलाने का अनुभव है, जहां उसने दुश्मन के बेड़े, हवाई हमलों और समुद्री माइंस का सामना किया है. उन्होंने कहा कि अगर सहयोगी देश बराबरी के आधार पर साझेदारी करते हैं, तो यूक्रेन उनकी मदद कर सकता है. उन्होंने अपने नेवल ड्रोन सिस्टम्स जैसे सी बेबी, मगुरा और सरगन का जिक्र करते हुए कहा कि ये दुनिया भर में जाने जाते हैं और यूक्रेन इन्हें निर्यात करने की भी क्षमता रखता है.




