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खुलकर सामने आई पाकिस्तान की PoK और कश्मीरियों से नफरत, प्रदर्शनकारियों को बताने लगा भारत जैसा दुश्मन

POK में पिछले कई दिनों से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है, इस बीच पाकिस्तानी सेना ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां भी चलाई, वहीं अब पाक रक्षा मंत्री ने प्रदर्शनकारियों को भारत से जोड़कर विवादित बयान दिया है.

Pakistan Defence Minister Khawaja Asif
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Pakistan Defence Minister Khawaja Asif

( Image Source:  X/ @Pamphlet_in )

पीओके में बीते कई दिनों से विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. ये विरोध मार्च संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में निकाला गया. इस मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना ने गोलीबारियां की. जिसमें 14 लोगों की मौत का दावा किया. अब इस विरोध प्रदर्शन को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का भारत को लेकर विवादित बयान सामने आया है. पाकिस्तानी सेनी की कार्रवाई का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद के खिलाफ सड़कों पर उतरने वाले लोग उनके लिए भारत जैसे दुश्मन हैं. उनके इस बयान ने पीओके में पहले से जारी राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है.

क्या बोले पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ?

एक स्थानीय टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि पीओके में प्रदर्शन कर रहे लोगों और भारत के बीच वह कोई अंतर नहीं देखते. उन्होंने कहा "मैं प्रदर्शनकारियों को भारत के समान मानता हूं और उन्हें भी भारत की तरह ही दुश्मन समझता हूं."

क्यों हो रहा है POK में विरोध प्रदर्शन?

मंगलवार को हजारों JAAC समर्थकों ने रावलकोट से मुजफ्फराबाद तक मार्च निकाला. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटों को समाप्त करना है. JAAC का आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण पीओके के स्थानीय निवासियों के राजनीतिक अधिकार कमजोर हो रहे हैं और इस्लामाबाद स्थित राजनीतिक दल क्षेत्र की सरकार के गठन को प्रभावित करते हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पीओके की विधानसभा चुनने का अधिकार केवल वहीं रहने वाले लोगों को मिलना चाहिए.

क्या पाक सरकार और प्रदर्शनकारियों का दावा?

JAAC ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण मार्च के दौरान बिना किसी उकसावे के गोली चलाने की कार्रवाई की. दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार का दावा है कि प्रदर्शनकारी आधुनिक हथियारों से लैस थे और उन्होंने पहले सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी.

कब से जारी है POK में तनाव?

पीओके में विरोध प्रदर्शन कई सप्ताह से जारी हैं. रिपोर्टों के अनुसार 5 जून से शुरू हुए आंदोलन और उसके बाद हुई हिंसक घटनाओं में 80 से अधिक लोगों की मौत होने का दावा किया गया है. हालिया घटनाओं से पहले भी लगभग 40 लोगों की जान जा चुकी थी, जिनमें 34 प्रदर्शनकारी और 6 सुरक्षाकर्मी शामिल बताए गए थे.

यह पूरा विवाद उस समय और गहरा गया जब पाकिस्तान ने पीओके में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई. विपक्षी दलों ने चुनाव में धांधली के आरोप लगाए. कई स्थानों पर झड़पें हुईं और मतपेटियों के साथ छेड़छाड़ तथा लूटपाट के भी आरोप सामने आए. भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद चुनावी प्रक्रिया विवादों में घिर गई.

क्या बोला भारत?

इन घटनाक्रमों पर भारत ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीओके में कराया जा रहा चुनाव पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैधता देने का प्रयास है. उन्होंने कहा, "वर्तमान दिखावटी चुनावी प्रक्रिया पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे को छुपाने और क्षेत्र में अपने गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने का एक प्रयास मात्र है."

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