कौन है ईरान का भेदी, जिससे बात करने का ट्रंप कर रहे दावा, कहीं ये शख्स तो नहीं वो 'Top Person'?
ट्रंप ने ईरान से पांच दिन की बातचीत का दावा किया, बताया ‘Top Person’ से बात हुई. जिसके बाद सोशल में हल्ला मच गया कि आखिर कौन ईरान का भेदी जिसके ट्रंप की बातचीत हो रही है तो वहीं कुछ खबरों के मुताबिक Mohammad Bagher Ghalibaf नाम सामने आया लेकिन अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
28 फरवरी से मिडिल ईस्ट में भड़की जंग ने हर दिन नए-नए खुलासों और दावों से दुनिया को चौंकाया है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बीच हालात इतने संवेदनशील हो चुके हैं कि हर बयान सीधे वैश्विक राजनीति को हिला रहा है. इसी कड़ी में 23 मार्च को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने अचानक सीजफायर का दावा करते हुए बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि ईरान से उनकी बात हो चुकी है और पांच दिनों के भीतर कोई बड़ा समझौता सामने आ सकता है.
लेकिन असली सनसनी तब फैली जब ट्रंप ने यह खुलासा किया कि उनकी बातचीत ईरान के एक ‘Top Person’ से हुई है, बिना नाम बताए. इसके बाद से सवालों का तूफान खड़ा हो गया. आखिर वो शख्स कौन है जो पर्दे के पीछे अमेरिका से बातचीत कर रहा है? इसी बीच रिपोर्ट्स में एक नाम तेजी से उभरकर सामने आया. Mohammad Bagher Ghalibaf. हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन गालिबाफ का नाम सामने आते ही यह सियासी रहस्य और गहराता जा रहा है कि क्या वही ईरान का वो ‘भेदी’ हैं, जिनसे ट्रंप बात करने का दावा कर रहे हैं, या फिर यह सिर्फ कूटनीतिक धुंध है.
क्या गालिबाफ ही हैं ट्रंप के 'Top Person'?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन के कुछ सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि वॉशिंगटन ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ को संभावित साझेदार और भविष्य के नेता के रूप में देख रहा है. हालांकि व्हाइट हाउस ने किसी एक नाम पर मुहर नहीं लगाई है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप जिस “टॉप पर्सन” की बात कर रहे हैं, वह गालिबाफ ही हैं या कोई और.
कौन हैं मोहम्मद बाकर गालिबाफ?
मोहम्मद बाकर गालिबाफ ईरान की राजनीति और सैन्य ढांचे का बड़ा नाम हैं. वह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पूर्व अधिकारी रह चुके हैं. 2020 से ईरान की संसद (मजलिस) के स्पीकर हैं और 2024 में फिर से चुने गए. 1961 में जन्मे गालिबाफ ने 1980 में IRGC जॉइन किया और ईरान-इराक युद्ध के दौरान तेजी से उभरे.
उन्होंने अपने करियर में कई अहम पद संभाले हैं.
- IRGC की एयरोस्पेस डिवीजन के कमांडर
- तेहरान पुलिस प्रमुख
- 2005 से 2017 तक तेहरान के मेयर
क्या गालिबाफ राष्ट्रपति बनने की दौड़ में रहे?
गालिबाफ ने कई बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ा- 2005, 2013, 2017 और 2024—लेकिन हर बार हार का सामना करना पड़ा. दिलचस्प बात यह है कि 2005 के चुनाव में उन्होंने खुद को एक आधुनिक और प्रोफेशनल नेता के तौर पर पेश किया, यहां तक कि प्रचार में पायलट यूनिफॉर्म तक पहनी. गालिबाफ की छवि एक सख्त और विवादित नेता की भी रही है. 1999 के छात्र आंदोलन के दौरान सख्त कार्रवाई में उनकी भूमिका बताई जाती है. 'Yas Holding' घोटाला और 'LayetteGate' जैसे विवाद भी उनके नाम से जुड़े रहे हैं.
क्या गालिबाफ कर रहे हैं अमेरिका से बातचीत?
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि गालिबाफ ईरान की ओर से बातचीत की अगुवाई कर रहे हैं. हालांकि उन्होंने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि 'अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है, और यह फेक न्यूज़ सिर्फ वित्तीय और तेल बाजारों को प्रभावित करने के लिए फैलाई जा रही है.'




