Begin typing your search...

खत्म होने वाला है ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर का दौर! क्यों उठ रहीं इस्तीफे की मांग और कौन हैं एंड्रयू मरे जो ले सकते हैं उनकी जगह?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफे की अटकलों ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है. आखिर क्या है पूरा मामला और कौन हैं Andy Burnham जो लेने वाले हैं उनकी जगह

खत्म होने वाला है ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर का दौर! क्यों उठ रहीं इस्तीफे की मांग और कौन हैं एंड्रयू मरे जो ले सकते हैं उनकी जगह?
X
( Image Source:  X-@ANI )

Britain PM Resignation: ब्रिटेन की राजनीति में इन दिनों भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री Keir Starmer के सोमवार को पद छोड़ने की संभावना जताई जा रही है. ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अखबार The Observer ने लेबर पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि स्टार्मर अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर गंभीर विचार-विमर्श कर रहे हैं. हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री फिलहाल पूरी तरह अपनी जिम्मेदारियों और सरकार के कामकाज पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं.

पिछले कुछ महीनों से लेबर पार्टी के भीतर स्टार्मर के नेतृत्व को लेकर असंतोष लगातार बढ़ रहा था. यह असंतोष उस समय और गहरा गया जब उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहैम ने मेकरफील्ड उपचुनाव में जीत दर्ज कर संसद में वापसी की. इस जीत के बाद बर्नहैम के लिए पार्टी नेतृत्व को चुनौती देने की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं.

अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टार्मर ने कैबिनेट मंत्रियों, सलाहकारों, दानदाताओं और ट्रेड यूनियन नेताओं से बातचीत के बाद यह महसूस किया है कि प्रधानमंत्री पद पर बने रहना अब उनके लिए व्यावहारिक विकल्प नहीं रह गया है. हालांकि शुक्रवार को उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे अपने नेतृत्व के खिलाफ आने वाली किसी भी चुनौती का मुकाबला करेंगे और पार्टी को आंतरिक गुटबाजी से बचने की सलाह दी थी.

क्या है स्टार्मर के इस्तीफे की वजह?

साल 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को बड़ी जीत दिलाने वाले स्टार्मर की लोकप्रियता में हाल के समय में तेज गिरावट दर्ज की गई है. कई विवादों, राजनीतिक संकटों और नीतिगत फैसलों से पीछे हटने के आरोपों के कारण मतदाताओं के बीच उनकी छवि कमजोर हुई है.

रॉयटर्स के अनुसार, लेबर पार्टी के 100 से अधिक सांसद सार्वजनिक रूप से स्टार्मर के इस्तीफे या उनके हटने की समयसीमा तय करने की मांग कर चुके हैं. यदि स्टार्मर पद छोड़ते हैं या उन्हें हटाया जाता है, तो ब्रिटेन को पिछले एक दशक में अपना सातवां प्रधानमंत्री मिल सकता है.

एंडी बर्नहैम क्यों हैं सबसे मजबूत दावेदार?

56 वर्षीय Andy Burnham को स्टार्मर के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है. ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के तौर पर उन्होंने उत्तरी इंग्लैंड में मजबूत राजनीतिक आधार तैयार किया है. हाल ही में मेकरफील्ड उपचुनाव में उन्होंने नाइजेल फराज की पार्टी रिफॉर्म यूके को हराकर संसद में वापसी की. हालांकि उन्होंने अब तक स्टार्मर को सीधे चुनौती नहीं दी है, लेकिन अपने विजय भाषण में देश के लिए "नए रास्ते" की बात कही थी.

कौन हैं एंडी बर्नहैम?

  • एंड्रयू मरे बर्नहैम का जन्म 7 जनवरी 1970 को इंग्लैंड के एंट्री (Aintree) में हुआ था. उन्होंने कम उम्र में ही लेबर पार्टी की सदस्यता ले ली थी और राजनीति में सक्रिय हो गए थे.
  • उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के फिट्जविलियम कॉलेज से अंग्रेजी विषय में पढ़ाई की. राजनीतिक जीवन की शुरुआत में उन्होंने लेबर नेता टेसा जोवेल के शोध सहयोगी, NHS कॉन्फेडरेशन में संसदीय अधिकारी और फुटबॉल टास्क फोर्स में प्रशासक के रूप में काम किया.
  • साल 2001 में वे पहली बार ग्रेटर मैनचेस्टर के लीघ क्षेत्र से सांसद चुने गए. इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण सरकारी पद संभाले, जिनमें गृह विभाग में संसदीय अवर सचिव, स्वास्थ्य मंत्री, ट्रेजरी के मुख्य सचिव और संस्कृति सचिव जैसे पद शामिल हैं.
  • साल 2009 से 2010 तक वे स्वास्थ्य सचिव रहे. इस दौरान उन्होंने स्वाइन फ्लू महामारी से जुड़े सरकारी प्रयासों का नेतृत्व किया और स्टैफर्ड अस्पताल विवाद की स्वतंत्र जांच शुरू कराई.
  • 2010 में लेबर पार्टी नेतृत्व चुनाव में उन्होंने हिस्सा लिया था, लेकिन एड मिलिबैंड से हार गए. इसके बाद वे शैडो एजुकेशन सेक्रेटरी और शैडो हेल्थ सेक्रेटरी जैसे पदों पर रहे.
  • 2015 में उन्होंने फिर लेबर नेतृत्व चुनाव लड़ा, लेकिन जेरेमी कॉर्बिन से पीछे रह गए. बाद में वे शैडो होम सेक्रेटरी बने.
  • 2017 में ग्रेटर मैनचेस्टर के पहले मेयर बनने के लिए उन्होंने सांसद पद छोड़ दिया और चुनाव जीतकर मेयर बने. इसके बाद 2021 और 2024 में भी वे दोबारा मेयर चुने गए.
  • ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के रूप में बर्नहैम ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़े सुधार किए. उन्होंने बस और ट्राम सेवाओं को स्थानीय कंट्रोल करने वाले नेटवर्क में बदलने की पहल की, जिसे 'बी नेटवर्क' नाम दिया गया.
  • कोविड-19 महामारी के दौरान उत्तरी इंग्लैंड के समुदायों के लिए अधिक वित्तीय सहायता की मांग को लेकर चलाए गए अभियान के कारण मीडिया और समर्थकों ने उन्हें 'किंग ऑफ द नॉर्थ' का नाम दिया.
अगला लेख