254 से ज्यादा मौतें, रॉकेट हमले और आरोप-प्रत्यारोप- सीजफायर के बीच इजराइल क्यों बरसा रहा Lebanon पर बम? Updates
Israel ने लेबनान पर जोरदार हमले किए, जिसमें 254 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है. ईरान लेबनान पर हमले को सीजफायर का उल्लंघन बता रहा है.
Lebanon Update: ईरान ने कहा है कि इज़राइल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर हमले तेज कर सीजफायर का उल्लंघन किया है. बुधवार को इज़राइल ने लेबनान में अब तक के सबसे बड़े हमले किए, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी.
ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित सीजफायर की आलोचना की. उन्होंने अमेरिका पर यह आरोप भी लगाया कि वह ईरान से उसका परमाणु कार्यक्रम छोड़ने की मांग कर समझौते का उल्लंघन कर रहा है.
लेबनान में कितने लोग मारे जा चुके हैं?
लेबनान की सिविल डिफेंस के अनुसार, बुधवार को इज़राइली हमलों में 254 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सबसे ज्यादा नुकसान बेरूत में हुआ. कुछ हमले बिना किसी पूर्व चेतावनी के किए गए. इसके जवाब में हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इज़राइल की ओर रॉकेट दागे और इसे सीजफायर उल्लंघन बताया. कालीबाफ ने अपने बयान में कहा, “ऐसी स्थिति में द्विपक्षीय सीजफायर या बातचीत करना उचित नहीं है.”
लेबनान पर हुए हमले पर क्या बोले बेंजामिन नेतन्याहू?
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया कि लेबनान में हमले जारी रहेंगे और यह सीजफायर वहां लागू नहीं होता. वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, “मुझे लगता है कि ईरान को लगा कि सीजफायर में लेबनान शामिल है, जबकि ऐसा नहीं था.”
लेबनान पर हमलों पर अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिका ने इजराइल के जरिए लेबनान पर हुए हमलों का समर्थन किया है. ट्रंप का कहना है कि लेबनान सीजफायर का हिस्सा नहीं था और वह इस मामले में इजराइल के साथ खड़ा है. इसके साथ ही उन्होने कहा कि वह इस मामले को भी बातचीत से निपटाने की कोशिश करेंगे.
इजराइली हमलों पर फ्रांस का क्या रुख?
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इज़राइली हमलों की निंदा की और मांग की कि लेबनान को भी सीजफायर में पूरी तरह शामिल किया जाए. यूरोप के 13 देशों, जापान और कनाडा के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर सीजफायर का समर्थन किया और वैश्विक ऊर्जा संकट से बचने के लिए हिंसा खत्म करने की अपील की.
दोनों पक्षों के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बड़ा मतभेद बना हुआ है, जो इस संघर्ष का अहम मुद्दा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान यूरेनियम संवर्धन रोकने और अपने भंडार को सौंपने पर सहमत हो गया है, जबकि कालीबाफ ने कहा कि सीजफायर की शर्तों के तहत संवर्धन जारी रहेगा. हालांकि ईरान और अमेरिका दोनों ने इस संघर्ष के बाद खुद को विजेता बताया है, लेकिन कई बड़े मुद्दों पर मतभेद अभी भी बने हुए हैं. शांति वार्ता शनिवार से शुरू होने वाली है.




