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“मिस्टर मुनीर, आप बर्खास्त हैं”, कौन है ईरान के बसीम लालेह, जिनके बयान ने बटोरी खबरें, जमकर की भारत की तारीफ, पाकिस्तान पर क्या कहा?

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ईरानी पत्रकार बसीम लालेह ने असीम मुनीर पर तीखा हमला बोला और PM मोदी की तारीफ की. जानें पाकिस्तान, होर्मुज और पश्चिम एशिया को लेकर उनका क्या दावा है.

“मिस्टर मुनीर, आप बर्खास्त हैं”, कौन है ईरान के बसीम लालेह, जिनके बयान ने बटोरी खबरें, जमकर की भारत की तारीफ, पाकिस्तान पर क्या कहा?
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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान एक ईरानी पत्रकार ने पाकिस्तान और उसके सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर पर तीखा हमला बोला है. ईरानी पत्रकार बसीम लालेह ने बदलते राजनीतिक समीकरण और ब्रिक्स में भारत की भूमिका को लेकर जमकर तारीफ की. नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में लालेह ने सीधे पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख असीम मुनीर को संबोधित करते हुए कहा, “मिस्टर मुनीर, आप बर्खास्त हैं.”

बसीम लालेह ने असीम मुनीर की क्षेत्र में शांति और सुरक्षा कायम करने की क्षमता पर सवाल उठाए. उन्होंने खास तौर पर होर्मुज की सुरक्षा और वहां शांति स्थापित करने में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल किया. लालेह ने कहा, “आप वैश्विक स्तर पर और होर्मुज में शांति नहीं ला सकते. अब मिस्टर मोदी ने उनकी जगह ले ली है.”

मसूद पेजेश्कियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के बीच बातचीत पर क्या कहा?

उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के बीच हुई बैठक का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, यह बैठक होर्मुज को लेकर बदलते राजनीतिक समीकरण का संकेत है. लालेह ने कहा कि ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले दो महीनों में युद्ध खत्म होने की स्थिति बन सकती है.

पाकिस्तान की इलाकाई भूमिका पर क्या कहा?

ईरानी पत्रकार ने पाकिस्तान के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि वह पश्चिम एशिया में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा साझेदार है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान होर्मुज और पूरे खाड़ी क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए अपनी भूमिका साबित करने में नाकामयाब रहा है.

असीम मुनीर की किन नीतियों की आलोचना की?

लालेह ने असीम मुनीर से जुड़ी नीतियों की भी आलोचना की. उनका आरोप था कि इन नीतियों ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने के बजाय अस्थिरता बढ़ाने में योगदान दिया. उनकी आलोचना सिर्फ पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व तक सीमित नहीं रही. उन्होंने पाकिस्तान की व्यापक क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं पर भी सवाल उठाए.

पाकिस्तान के सामने क्या बड़ा चैलेंज?

लालेह ने पाकिस्तान की आर्थिक परेशानियों और बाहरी आर्थिक मदद पर उसकी निर्भरता का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, इन परिस्थितियों ने पाकिस्तान की खुद को एक बड़ी क्षेत्रीय ताकत के रूप में पेश करने की क्षमता को कमजोर किया है. उन्होंने पाकिस्तान की स्थिति की तुलना भारत से की. लालेह के मुताबिक, भारत खाड़ी देशों के साथ अपने राजनयिक संबंधों को मजबूत कर रहा है और ब्रिक्स में भी उसकी भूमिका बढ़ रही है.

पश्चिम एशिया में भारत की बढ़ती भूमिका

ईरानी पत्रकार ने ईरान और UAE के साथ भारत के बढ़ते संपर्क को भी महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि इन देशों के साथ भारत की सक्रियता ने पश्चिम एशिया में नई दिल्ली की भूमिका को महत्वपूर्ण बना दिया है. उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच नई दिल्ली में बातचीत हुई.

यह बैठक पश्चिम एशिया में जारी तनाव और क्षेत्र में स्थिति को और बिगड़ने से रोकने की कोशिशों के बीच हुई. लालेह ने ईरान और UAE के बीच बातचीत और भारत के दोनों देशों के साथ संपर्क को बदलते राजनयिक समीकरण का संकेत बताया.

PM मोदी की भूमिका पर क्या कहा?

लालेह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत किया है, खासकर ब्रिक्स के मंच के जरिए. भारत नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. इससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े बड़े वैश्विक मुद्दों पर चर्चा में भारत की भूमिका प्रमुख हो गई है.

कौन हैं बसीम लालेह?

  • बसीम लालेह ईरान के पत्रकार और पब्लिक रिलेशंस कंसल्टेंट हैं. वह Didban Iran News Agency से जुड़े हुए हैं. उन्होंने ईरान के कई मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. इनमें प्रमुख सुधारवादी अखबार Shargh भी शामिल है.
  • पेशेवर प्रोफाइल के अनुसार, लालेह का पत्रकारिता और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. वह Shargh Newspaper में रिपोर्टर और लेखक के तौर पर काम कर चुके हैं और संपादकीय जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं.
  • कम्युनिकेशन और PR के क्षेत्र में भी उनका अनुभव है. उन्होंने Maadiran जैसे मैन्युफैक्चरिंग समूहों में कम्युनिकेशन और पब्लिक रिलेशंस डायरेक्टर के तौर पर काम किया है. इसके अलावा, ईरान में Samsung C&T Corporation जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनी के लिए कंसल्टेंट के रूप में भी काम करने की जानकारी दी गई है.
  • वह Islamic Republic of Iran Broadcasting (IRIB) में वित्तीय रिपोर्टिंग एनालिस्ट के तौर पर भी काम कर चुके हैं.
  • वह तेहरान में रहते हैं और उन्होंने Islamic Azad University से पढ़ाई की है.

कब खत्म हो सकता है युद्ध?

ईरानी पत्रकार ने पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक संघर्ष को लेकर भी एक अनुमान जताया. उन्होंने कहा कि अगले दो महीनों में तनाव और युद्ध का खतरा कम हो सकता है. लालेह के मुताबिक, भारत की कूटनीतिक सक्रियता और प्रधानमंत्री मोदी का प्रभाव व्यापक शांति प्रक्रिया में योगदान दे सकता है.

क्या है भारत-पाकिस्तान में फर्क?

उन्होंने भारत और पाकिस्तान की भूमिका की तुलना करते हुए कहा कि भारत का जोर बातचीत, आर्थिक सहयोग और व्यापार पर है, जबकि पाकिस्तान आतंकवाद, अस्थिरता और बार-बार आर्थिक मदद मांगने से जुड़ा हुआ है. लालेह ने यह भी कहा कि जिन देशों के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं, उनमें ईरान और UAE भी शामिल हैं, लेकिन अब दोनों देशों के बीच सहयोग की इच्छा बढ़ती दिखाई दे रही है.

उन्होंने इस बदलते राजनयिक समीकरण के केंद्र में भारत को रखा और दावा किया कि क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़ी चर्चाओं में पाकिस्तान की भूमिका लगातार सीमित होती जा रही है.

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