27 सितंबर के मार्च से पहले इमरान खान की बहन अलीमा गिरफ्तार, 30 दिन की हिरासत; पाक में मचा बवाल! 10 Point में जानिए पूरी कहानी
इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर में 30 दिन के लिए हिरासत में लिया गया. 27 सितंबर के PTI मार्च से पहले कार्रवाई क्यों हुई, जानिए पूरा मामला.
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रस्तावित 27 सितंबर के मार्च से पहले सियासी माहौल और गरमा गया है. इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर में हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है. लाहौर के डिप्टी कमिश्नर के 20 सितंबर के आदेश के मुताबिक, अलीमा खान और एक अन्य व्यक्ति मोहम्मद आमिर को पंजाब में लागू Maintenance of Public Order Ordinance (MPO) के तहत 30 दिनों के लिए हिरासत में रखने का आदेश दिया गया.
PTI ने अलीमा खान की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए इसे 27 सितंबर के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले की कार्रवाई बताया है. पार्टी का कहना है कि मार्च का मकसद इमरान खान की रिहाई और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना है. वहीं प्रशासन के आदेश में अलीमा और आमिर को सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताए जाने का हवाला दिया गया है. आदेश में मई 2023 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े आरोपों और आगामी प्रदर्शन के लिए कार्यकर्ताओं को जुटाने का भी उल्लेख है. मामला यहीं नहीं रुका. इस्लामाबाद में भी PTI कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां हुई हैं और प्रशासन ने 27 सितंबर के मार्च को देखते हुए सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं.
10 पॉइंट में समझिए पूरा मामला
1. अलीमा खान की गिरफ्तारी से शुरू हुआ नया विवाद
इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर में हिरासत में लिया गया है. PTI ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है. रॉयटर्स के मुताबिक, कार्रवाई 27 सितंबर को होने वाले PTI के प्रस्तावित देशव्यापी प्रदर्शन और इस्लामाबाद मार्च से पहले हुई है.
2. 30 दिन की हिरासत का आदेश क्यों?
20 सितंबर को लाहौर के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद अली इजाज ने अलीमा खान और मोहम्मद आमिर को 30 दिनों के लिए हिरासत में रखने का आदेश दिया. आदेश में पंजाब Maintenance of Public Order Ordinance, 1960 यानी MPO का इस्तेमाल किया गया है.
3. प्रशासन ने अलीमा पर क्या आरोप लगाए?
आदेश में पुलिस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि अलीमा खान और आमिर सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं. आदेश में यह भी आरोप दर्ज हैं कि दोनों मई 9, 2023 की घटनाओं के दौरान सड़कें रोकने और प्रदर्शनों से जुड़े थे तथा कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रेरित किया.
4. 27 सितंबर का मार्च आखिर क्यों?
PTI ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद में विरोध प्रदर्शन और मार्च का ऐलान किया है. पार्टी की प्रमुख मांगों में इमरान खान की जेल से रिहाई और संविधान की सर्वोच्चता का मुद्दा शामिल है. PTI नेतृत्व ने इसे शांतिपूर्ण राजनीतिक आंदोलन बताया है.
5. PTI ने गिरफ्तारी पर क्या कहा?
PTI चेयरमैन बैरिस्टर गोहर अली खान ने अलीमा खान की गिरफ्तारी की निंदा की और कहा कि पार्टी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है. उन्होंने मांग की कि अलीमा को तत्काल रिहा किया जाए. PTI ने इससे पहले सोशल मीडिया पोस्ट में कार्रवाई को “abducted” बताया था, जबकि प्रशासनिक आदेश इसे MPO के तहत हिरासत बताता है.
6. क्या सिर्फ अलीमा खान पर ही कार्रवाई हुई?
नहीं. 27 सितंबर के प्रदर्शन से पहले PTI से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं. डॉन के मुताबिक, इस्लामाबाद पुलिस ने चार PTI कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया. पुलिस का आरोप है कि वे प्रदर्शन की तैयारी से जुड़ी बैठक कर रहे थे और छापेमारी के दौरान पुलिस टीम के साथ मारपीट की गई.
7. पाकिस्तान में माहौल इतना गरम क्यों है?
PTI के प्रस्तावित मार्च के कारण प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियां बढ़ा दी हैं. इस्लामाबाद में पुलिस और प्रशासन ने प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों की समीक्षा की है और शहर में कंटेनर लगाए गए हैं, ताकि प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके.
8. अलीमा के अलावा इमरान खान के परिवार का क्या रुख है?
इमरान खान का परिवार लंबे समय से उनकी जेल और स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताता रहा है. PTI और उनके समर्थक इमरान की गिरफ्तारी तथा उनके खिलाफ चल रहे मामलों को राजनीतिक कार्रवाई बताते रहे हैं. दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार और संबंधित एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती रही हैं और मामलों को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताती हैं.
9. MPO कानून क्या है?
MPO यानी Maintenance of Public Order कानून प्रशासन को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ परिस्थितियों में किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने का अधिकार देता है. अलीमा खान के मामले में लाहौर प्रशासन ने इसी कानून के तहत 30 दिन की हिरासत का आदेश दिया है. डॉन के अनुसार, पंजाब हाई कोर्ट में इसी कानून के कुछ प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका पर हाल ही में सुनवाई भी हुई है.
10. अब आगे क्या होगा?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल 27 सितंबर के PTI मार्च को लेकर है. एक तरफ PTI शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर जोर दे रही है, वहीं प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा इंतजाम तेज कर दिए हैं. अलीमा खान की 30 दिन की हिरासत का आदेश भी इसी तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल के बीच आया है. आने वाले दिनों में अदालतों, प्रशासन और PTI के अगले कदम पर सबकी नजर रहेगी. एक जरूरी फर्क: PTI ने अलीमा की कार्रवाई को राजनीतिक दमन/“abduction” के रूप में पेश किया है, जबकि आधिकारिक हिरासत आदेश में इसे सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए MPO के तहत कार्रवाई बताया गया है. इन दोनों दावों को अलग-अलग रखना जरूरी है.




