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'जब जिद पे आ गई पार्वती' गाने की लिरिक्स पर बवाल! 'मर रही' नहीं 'खुमर रही'? सोशल पर चल रहे इस दावे का पूरा डिकोड

‘जब जिद पे आ गई पार्वती’ गाने की लिरिक्स को लेकर सोशल मीडिया पर कन्फ्यूजन है. जानिए ‘मर रही’ या ‘खुमर रही’ में सही शब्द क्या बताया जा रहा है.

जब जिद पे आ गई पार्वती गाने की लिरिक्स पर बवाल! मर रही नहीं खुमर रही? सोशल पर चल रहे इस दावे का पूरा डिकोड
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फिल्म 'हनुमान अंश' के गाने इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में हैं. फिल्म के कई गाने लोगों की जुबान पर चढ़ चुके हैं, लेकिन अब इसी फिल्म का एक गाना अपनी धुन या संगीत की वजह से नहीं, बल्कि लिरिक्स को लेकर छिड़े विवाद के कारण चर्चा में आ गया है. गाने की लाइन है- 'जब जिद पे आ गई पार्वती, समझाने पहुंचे सप्तऋषि. इसके आगे की लाइन को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग शब्द सुनाई और लिखे जा रहे हैं.

एक तरफ सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे 'काय जिद कर रही, काय को मर रही' के तौर पर शेयर कर रहे हैं. दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि गाने की सही लाइन 'काय जिद कर रही, काय खुमर रही' है. यानी विवाद सिर्फ एक शब्द का नहीं है, बल्कि उस एक शब्द से पूरे गाने का अर्थ ही बदलता हुआ नजर आ रहा है.

आखिर 'मर रही' या 'खुमर रही'... सही क्या है?

गाने की वायरल क्लिप सामने आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात को लेकर हो रही है कि आखिर गायक ने वास्तव में क्या गाया है. सोशल मीडिया पर एक धड़ा इसे ‘काय को मर रही’ सुन रहा है, जिसके बाद लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए. वहीं, गाने की लिरिक्स को डिकोड करने वाले कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि यहां ‘मर रही’ नहीं, बल्कि असली शब्द 'काय खुमर रही' शब्द है ये हैं सही लाइन.

‘काय जिद कर रही, काय खुमर रही’

इसी अंतर ने पूरे गाने को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. ‘खुमर रही’ का मतलब क्या बताया जा रहा है? गाने की इस लाइन को समझाने के लिए सोशल मीडिया यूजर Yogshikhaa ने भी एक स्पष्टीकरण साझा किया है. उनके मुताबिक, यहां पार्वती के ‘मरने’ की बात नहीं हो रही है. उनके अनुसार ‘खुमर रही’ का इस्तेमाल ऐसी स्थिति के अर्थ में किया गया है, जहां कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा जिद या व्याकुलता में हो. यानी सप्तऋषि पार्वती को समझाते हुए पूछ रहे हैं कि वह इतनी जिद क्यों कर रही हैं और क्यों इस तरह व्याकुल हो रही हैं. हालांकि, इस शब्द के स्थानीय/भाषाई अर्थ और गाने में इसके इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सोशल मीडिया पर सामने आ रही हैं.

सोशल मीडिया पर गलत लिरिक्स क्यों फैल गई?

गाने को सुनते समय एक जैसे सुनाई देने वाले शब्द अक्सर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरीके से लिख दिए जाते हैं. इस गाने के मामले में भी यही कन्फ्यूजन दिखाई दे रहा है. कई यूजर्स ने क्लिप के साथ अपनी समझ के मुताबिक शब्द लिख दिए. इसके बाद वही लाइन अलग-अलग पोस्ट और वीडियो में दोहराई जाने लगी. नतीजा यह हुआ कि एक ही गाने की लाइन के दो अलग-अलग वर्जन सोशल मीडिया पर घूमने लगे.

एक तरफ- 'काय जिद कर रही, काय को मर रही’ और दूसरी तरफ: 'काय जिद कर रही, काय खुमर रही'. यही वजह है कि अब लोग गाने के सही बोल को लेकर स्पष्टीकरण मांग रहे हैं. दावा- 90 प्रतिशत लोग गाना गलत गा रहे हैं?

सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया जा रहा है कि करीब 90 प्रतिशत लोग इस गाने को गलत लिरिक्स के साथ गा रहे हैं. हालांकि, इस 90 प्रतिशत वाले दावे का कोई स्वतंत्र या आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है. इसलिए इसे सोशल मीडिया पर चल रहा दावा ही माना जाना चाहिए, पुख्ता तथ्य नहीं. लेकिन इतना जरूर है कि वायरल वीडियो और रील्स में गाने की जिस लाइन को अलग-अलग शब्दों के साथ गाया जा रहा है, उसने लोगों के बीच भ्रम पैदा कर दिया है.

सिंगर साध्वी तिवारी से भी स्पष्टीकरण की मांग

इस विवाद के बीच सोशल मीडिया पर गाने की सिंगर साध्वी तिवारी से भी इस लाइन को स्पष्ट करने की मांग की जा रही है. लोग चाहते हैं कि गाने के आधिकारिक बोल सामने आएं ताकि यह साफ हो सके कि वास्तव में लाइन में कौन-सा शब्द इस्तेमाल किया गया है और उसका सही अर्थ क्या है. अगर आधिकारिक लिरिक्स या सिंगर की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने आती है तो इस पूरे कन्फ्यूजन पर विराम लग सकता है.

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