हड्डी तक गल जाती, कितना खतरनाक है व्हाइट फास्फोरस, जिसे इजराइल ने लेबनान में गिराया, पांच पॉइंट में समझें इसकी भयावहता
व्हाइट फॉस्फोरस एक बेहद खतरनाक रासायनिक पदार्थ है जो ऑक्सीजन के संपर्क में आते ही जल उठता है. युद्ध में इसका इस्तेमाल स्मोक स्क्रीन बनाने या इलाके को रोशन करने के लिए किया जाता है, लेकिन हथियार के रूप में उपयोग होने पर यह इमारतों में आग लगा सकता है और इंसानी शरीर को हड्डी तक जला सकता है. आइए जानते हैं इसके बारे में...
वेस्ट एशिया में जारी युद्ध ने अब नए मोड़ ले लिया है. मानवाधिकार संगठन Human Rights Watch ने दावा किया है कि इजरायली सेना ने दक्षिण लेबनान के योहमोर कस्बे में निवासियों पर वाइट फॉस्फोरस (White Phosphorus) हथियारों का अवैध इस्तेमाल किया. संगठन ने कहा कि 3 मार्च, 2026 को ये हमले हुए और उन्होंने इस घटना से जुड़ी सात तस्वीरें सामने आई हैं.
संगठन ने यह भी बताया कि इन तस्वीरों में देखा गया कि नागरिक क्षेत्र में हवा में फटते हुए वाइट फॉस्फोरस प्रोजेक्टाइल्स से घरों और कारों में आग लगी. लेबनान में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर यह बेहद गंभीर मामला है और इसके दुष्प्रभाव लंबे समय तक महसूस किए जा सकते हैं.
वाइट फॉस्फोरस क्या है?
White Phosphorus एक रासायनिक पदार्थ है जो ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर जल जाता है. इसे तोपखाने के गोले, बम और रॉकेट में इस्तेमाल किया जाता है. इसका इस्तेमाल सामान्यत: धुएँ के पर्दे बनाने, निशाने मार्क करने, सिग्नलिंग और दुश्मन की इकाइयों पर हमला करने के लिए किया जाता है.
Human Rights Watch के लेबनान शोधकर्ता Ramzi Kaiss का कहना है, "निवासियों पर वाइट फॉस्फोरस का अवैध इस्तेमाल अत्यंत चिंताजनक है और इसका गंभीर प्रभाव नागरिकों पर पड़ेगा. इसके दहन प्रभाव से मौत या जीवन भर के लिए दर्दनाक चोटें हो सकती हैं."
किस तरह हुए हमले?
संगठन ने बताया कि योहमोर कस्बे में कम से कम दो तोपखाने से दागे गए वाइट फॉस्फोरस प्रोजेक्टाइल्स का एयरबर्स्ट देखा गया. तस्वीरों में धुएँ का पैटर्न M825 श्रृंखला 155mm प्रोजेक्टाइल से मेल खाता है, जिसमें वाइट फॉस्फोरस पाया जाता है.
क्या नागरिकों को चेतावनी दी गई थी?
इजरायल ने बीरुत के दक्षिणी उपनगरों, जिनमें हिज़बुल्लाह के नियंत्रण वाले क्षेत्र शामिल हैं, के निवासियों को उत्तर और पूर्व की ओर सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी थी. एक इजरायली सैन्य प्रवक्ता ने चार बड़े जिलों का नक्शा साझा किया और निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा.
क्या ये पहली बार हुआ है?
Human Rights Watch ने 2023 में भी इसी तरह के आरोप लगाए थे. उस समय गाजा और लेबनान में इजरायल द्वारा वाइट फॉस्फोरस का इस्तेमाल करने की पुष्टि की गई थी. गाजा सिटी पोर्ट और इजरायल-लेबनान सीमा के दो ग्रामीण क्षेत्रों में एयरबर्स्ट हुए थे. उस समय इजरायल ने इन आरोपों का खंडन किया था.
वाइट फॉस्फोरस की हानि क्या?
वाइट फॉस्फोरस जब एयरबर्स्ट के रूप में फटता है तो लगभग 125 से 250 मीटर के दायरे में जलते हुए कण फैलते हैं, जिससे नागरिकों और उनकी संपत्तियों को गंभीर नुकसान होता है. इसका प्रभाव केवल आग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लंबे समयतक जीवन और स्वास्थ्य पर असर पड़ता है.
- ऑक्सीजन के संपर्क में तुरंत जल उठता है- सफेद फॉस्फोरस एक अत्यंत ज्वलनशील केमिकल है जो हवा के संपर्क में आते ही जलने लगता है और तेजी से आग फैलाता है.
- सैन्य उपयोग में धुएं की दीवार बनाने के लिए इस्तेमाल- कई बार इसका इस्तेमाल युद्ध के मैदान में स्मोक स्क्रीन बनाने के लिए किया जाता है, जिससे दुश्मन को कुछ दिखाई न दे और सैनिकों की गतिविधियां छिपी रहें.
- युद्ध क्षेत्र को रोशन करने के लिए भी प्रयोग- कुछ स्थितियों में इसे रोशनी पैदा करने के लिए भी उपयोग किया जाता है, ताकि रात में युद्ध क्षेत्र को स्पष्ट देखा जा सके.
- हथियार के रूप में इस्तेमाल बेहद खतरनाक- जब इसका इस्तेमाल हमले के लिए किया जाता है तो यह इमारतों और वाहनों में आग लगा सकता है और मानव शरीर को हड्डी तक जला देने की क्षमता रखता है.
- गंभीर स्वास्थ्य खतरे- अगर कोई व्यक्ति हमले से बच भी जाए तो उसे संक्रमण, अंगों के फेल होने या सांस से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा बना रहता है, भले ही जलन मामूली ही क्यों न हो.




