कौन थी शालिनी ठाकुर? एक साल से पीछा, कोर्ट का आदेश भी बेअसर, कैलिफोर्निया में गोली मारकर कर गई हत्या, मां ने बताई पूरी कहानी
कैलिफोर्निया में भारतीय मूल की शालिनी ठाकुर की गोली मारकर हत्या ने stalking और harassment पर सवाल खड़े किए हैं. कोर्ट आदेश के बावजूद पीछा जारी रहने का आरोप.
अमेरिका के कैलिफोर्निया में 38 साल की शालिनी ठाकुर की हत्या ने एक बार फिर stalking और harassment को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. शालिनी अमेरिका के सैक्रामेंटो में रहती थीं और अपनी जिंदगी सामान्य तरीके से आगे बढ़ा रही थीं. लेकिन पिछले करीब एक साल से एक युवक कथित तौर पर उनका पीछा कर रहा था, उन्हें परेशान कर रहा था और शादी के लिए दबाव बना रहा था. शालिनी ने इस डर से कानूनी मदद भी ली.
शालिनी पास न्यायिक आदेश था. पुलिस को भी कथित तौर पर उनके साथ हो रही परेशानियों की जानकारी थी. लेकिन मंगलवार दोपहर जो हुआ, उसने शालिनी की पूरी जिंदगी खत्म कर दी. वह काम पर पहुंची ही थीं कि आरोपी ने उन्हें घेर लिया. शालिनी भागीं, लेकिन आरोपी ने उनका पीछा किया और गोली मार दी. सबसे दर्दनाक बात यह है कि हत्या से करीब एक घंटे पहले ही शालिनी ने अपनी मां से फोन पर बात की थी. उन्होंने मां से कहा था कि वह थोड़ी देर में दोबारा फोन करेंगी. वह फोन कभी नहीं आया. आइए जानते हैं आखिर कौन थी शालिनी ठाकुर?
कौन थी शालिनी ठाकुर?
शालिनी ठाकुर 38 साल की भारतीय मूल की महिला थीं और कैलिफोर्निया के Sacramento में रहती थीं. उनकी मां Sudesh Kumari के मुताबिक, शालिनी उनकी इकलौती बेटी थीं. परिवार उन्हें बेहद प्यार करने वाली, दूसरों की मदद करने वाली और मजबूत हौसले वाली महिला के तौर पर याद करता है. शालिनी के पास दो कुत्ते भी थे, जो अब उनके परिवार के लिए उनकी यादों का हिस्सा बन गए हैं. मां के लिए शालिनी सिर्फ बेटी नहीं थीं.
वह उनका पूरा संसार थीं और इसी वजह से बेटी की मौत के बाद मां का दर्द सिर्फ एक बेटी को खोने का नहीं है. उनके मन में लगातार एक सवाल घूम रहा है. क्या शालिनी को बचाया जा सकता था? सबकुछ सामान्य था, फिर एक शख्स शालिनी की जिंदगी में आया
शालिनी आरोपी को पहले से जानती थी
रिपोर्ट्स और कोर्ट दस्तावेजों के मुताबिक, दोनों की पहचान DoorDash से जुड़े उसके काम के दौरान हुई थी. आरोपी शालिनी के कार्यस्थल पर डिलीवरी लेने आता था. शुरुआत में शायद यह एक सामान्य जान-पहचान थी. लेकिन धीरे-धीरे चीजें बदलने लगीं. आरोपी कथित तौर पर शालिनी का पीछा करने लगा और उन पर शादी करने के लिए दबाव बनाने लगा. शालिनी ने उसे मना कर दिया.
इसके बाद कथित harassment और stalking बढ़ती चली गई. करीब एक साल तक चलता रहा पीछा. कोर्ट दस्तावेजों के मुताबिक, stalking की शुरुआत करीब सितंबर 2025 में हुई थी. आरोपी कथित तौर पर शालिनी के घर के बाहर घंटों इंतजार करता था. कभी उनकी गाड़ी के टायरों की हवा निकालने की बात सामने आई. कथित तौर पर उनकी कार में Apple AirTag भी लगाया गया, ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक की जा सके. यानी शालिनी सिर्फ किसी अनजान व्यक्ति के डर से परेशान नहीं थीं. उन्हें यह डर था कि सामने वाला उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहा है और उन्हें लगातार ट्रैक कर रहा है.
शादी से इनकार किया तो दबाव और बढ़ गया
शालिनी की मां के मुताबिक, आरोपी उनकी बेटी से शादी करना चाहता था. शालिनी ने यह रिश्ता स्वीकार नहीं किया. मां ने बताया कि दोनों के बीच उम्र का बड़ा अंतर भी था और उनकी बेटी इसके लिए तैयार नहीं थी. लेकिन कथित तौर पर आरोपी ने उनका पीछा करना बंद नहीं किया. कोर्ट दस्तावेजों में यह भी आरोप है कि उसने शालिनी के साथ इस बात को लेकर दबाव बनाया कि वह किससे मिलें और किसके साथ सोशलाइज करें.
एक बेहद गंभीर आरोप यह भी था कि उसने शालिनी के फ्लैट की चाबी की कॉपी बनाई और कथित तौर पर उस वक्त घर में घुस गया, जब वह सो रही थीं यानी जिस जगह को शालिनी अपना सुरक्षित घर समझती थीं, वहां भी उन्हें सुरक्षा का भरोसा नहीं रह गया था. शालिनी ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया. हालात बिगड़ने के बाद शालिनी ने कानूनी सुरक्षा लेने की कोशिश की. उन्हें न्यायिक आदेश मिला.
आरोपी को यह आदेश 19 मई को सर्व किया गया था.
लेकिन जांचकर्ताओं के मुताबिक, इसके बाद भी उसने कथित तौर पर इस आदेश का उल्लंघन किया. जुलाई के आखिर में वह शालिनी के घर के बाहर किराने का सामान छोड़ गया, जबकि न्यायिक आदेश लागू था यानी कानूनी आदेश के बावजूद शालिनी का पीछा पूरी तरह बंद नहीं हुआ. शालिनी डरी हुई थीं
शालिनी की मां ने बताया कि उनकी बेटी आरोपी से बहुत डरती थी. मां के शब्दों में, शालिनी को लगातार डर था कि उसके साथ कुछ गलत हो सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, शालिनी ने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपी ने खुद को या फिर उन लोगों को गोली मारने की धमकी दी, जिनसे वह मिलती थीं. इस तरह की धमकियां किसी भी व्यक्ति के लिए लगातार डर में जीने के लिए काफी होती हैं और शालिनी इसी डर के बीच अपनी रोजमर्रा की जिंदगी चलाने की कोशिश कर रही थीं.
फिर आया 11 सितंबर का वो दिन
मंगलवार की दोपहर शालिनी को उनके काम पर छोड़ा गया. वह Sacramento के Arden Arcade इलाके में एक shopping plaza में पहुंची थीं. वहां पास ही Panera Bread restaurant था. करीब 3 बजे आरोपी उनके पास पहुंचा. दोनों के बीच सामना हुआ. शालिनी ने वहां से भागने की कोशिश की लेकिन आरोपी ने कथित तौर पर उनका पीछा किया. फिर उसने गोली चला दी. शालिनी वहीं गिर गईं.
इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर एक और गोली चलाई. कुछ ही देर में पुलिस को गोली चलने की सूचना मिली. जब अधिकारी मौके पर पहुंचे, शालिनी गंभीर हालत में पड़ी थीं और उनमें कोई प्रतिक्रिया नहीं थी. मेडिक्स ने उन्हें घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया. हत्या से करीब एक घंटे पहले मां से हुई थी आखिरी बात. शायद इस पूरी कहानी का सबसे दर्दनाक हिस्सा यही है. शालिनी ने अपनी मां से दोपहर 1:58 बजे फोन पर बात की थी. मां के मुताबिक, बातचीत बिल्कुल सामान्य थी. शालिनी ने कहा था कि वह करीब 15 मिनट में दोबारा फोन करेंगी. लेकिन वह फोन कभी नहीं आया. मां इंतजार करती रहीं.




