January 16, 2026
ईरान एक बार फिर उबाल पर है सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन जारी हैं. इस बीच निर्वासन में रह रहे राजकुमार रजा पहलवी की आवाज़ फिर से लोगों के ज़हन में गूंज रही है. यह सब मिलकर ईरान के इतिहास के उन जख्मों को दोबारा कुरेद रहा है, जो कभी भरे ही नहीं थे.
लीला पहलवी का जन्म 27 मार्च 1970 को तेहरान (ईरान) में हुआ था. वे ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी और महारानी फराह पहलवी की सबसे छोटी बेटी थी. उनके तीन बड़े भाई-बहन थे- रजा, फरहनाज और अली रजा.
1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति हुई लोग सड़कों पर उतर आए और शाह के खिलाफ नारे लगाने लगे. लीला उस समय सिर्फ 9 साल की थी. जनवरी 1979 में पूरा परिवार देश छोड़कर भागना पड़ा. वे कभी मिस्र, कभी मोरक्को, बहामास, मैक्सिको, अमेरिका और पनामा जैसे देशों में रहे
निर्वासन के दौरान शाह को कैंसर (लिम्फोमा) हो गया. 27 जुलाई 1980 को मिस्र के काहिरा में उनकी मौत हो गई. लीला तब सिर्फ 10 साल की थी. पिता की मौत ने उन्हें बहुत दुख दिया. घर वापसी की कोई उम्मीद नहीं बची और परिवार में उदासी छा गई.
महारानी फराह ने परिवार को अमेरिका में बसाया. वे कनेक्टिकट राज्य के ग्रीनविच में रहने लगे. लीला ने न्यूयॉर्क के यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई की और 1988 में राय कंट्री डे स्कूल से हाई स्कूल पास किया. बाद में उन्होंने ब्राउन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की.
बाहर से देखने पर उनका जीवन अच्छा लगता था, लेकिन अंदर से वे बहुत परेशान थी. वे न तो ईरान से पूरी तरह जुड़ी रह पाईं और न ही अमेरिका या यूरोप में सहज महसूस करती थी. वे खुद को बेबस और अकेला महसूस करती थीं. महल की जिंदगी से अचानक होटल और अस्थायी घरों में आना उनके लिए बहुत बड़ा झटका था.
बड़ी होने पर लीला को कई बीमारियां हुईं- क्रॉनिक थकान सिंड्रोम, गंभीर डिप्रेशन, एनोरेक्सिया (बहुत पतला होना और खाना न खाना). वे नींद की गोलियों और दूसरी दवाओं पर निर्भर हो गईं. मां फराह उनकी देखभाल में हमेशा साथ रहीं.
लीला ने कभी ज्यादा पब्लिक लाइफ नहीं अपनाई. कुछ समय पेरिस में वे वैलेंटिनो जैसे डिजाइनर के लिए मॉडलिंग भी कीं, लेकिन वे शांत और अकेले थीं. उनके बड़े भाई रजा पहलवी राजनीति में सक्रिय रहे, लेकिन लीला मीडिया और ध्यान से दूर रहना पसंद करती थी.
10 जून 2001 को लीला लंदन के लियोनार्ड होटल में अपने कमरे में मृत पाई गईं. उनकी उम्र सिर्फ 31 साल थी. जांच में पता चला कि मौत प्रिस्क्रिप्शन बार्बिट्यूरेट दवाओं की ज्यादा मात्रा और कोकीन की वजह से हुई. इसे आत्महत्या माना गया.
लीला को पेरिस के पासी कब्रिस्तान में दफनाया गया. उनकी मौत से पूरा परिवार सदमे में था. बाद में 2011 में उनके भाई प्रिंस अली रजा ने भी आत्महत्या कर ली. महारानी फराह ने अपनी बेटी के दर्द को याद करते हुए किताबें लिखीं और ईरानी संस्कृति को संभालने का काम जारी रखा.