इंटरव्यू में नरसिंहानंद ने कहा कि अगर सरकार धार्मिक स्थलों के लिए कोई नियम बनाए, तो वह सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल हिंदू मंदिरों के प्रबंधन में दखल देती है, जबकि अन्य धर्मों के पूजा स्थलों के साथ ऐसा नहीं होता. उन्होंने हिंदू मंदिरों के लिए अलग बोर्ड बनाने की बात भी कही, लेकिन यह भी कहा कि ऐसा बोर्ड सरकार नहीं, बल्कि हिंदू धर्माचार्यों को बनाना चाहिए. बातचीत के दौरान उन्होंने मंदिरों की पारदर्शिता, वक्फ बोर्ड, अमरनाथ और वैष्णो देवी मंदिरों के प्रबंधन, अफजल गुरु के परिवार से तत्कालीन राष्ट्रपति की कथित मुलाकात और धर्मनिरपेक्षता जैसे मुद्दों पर भी अपनी राय रखी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि उनके बयानों को लोग गलत बताते हैं, जबकि उनके अनुसार वे तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखते हैं.