अयोध्या राम मंदिर से जुड़े दान और कथित गड़बड़ी के आरोपों के बीच मामला फिर चर्चा में है. राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की निष्ठा और ईमानदारी पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए उनका बचाव किया है. सोशल मीडिया और विपक्ष की ओर से चंपत राय को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन समर्थकों का कहना है कि वह लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन और निर्माण कार्य से जुड़े रहे हैं. चंपत राय विश्व हिंदू परिषद से जुड़े प्रमुख चेहरों में रहे हैं और राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के गठन के बाद से अहम भूमिका निभा रहे हैं. उनका नाम पहले भी जमीन और अन्य विवादों को लेकर चर्चा में आया, लेकिन उनके समर्थकों के अनुसार जांचों में उन पर कोई दोष साबित नहीं हुआ. राम मंदिर से जुड़ी मौजूदा विवाद की जांच और कार्रवाई को लेकर ट्रस्ट ने सख्त रुख अपनाया है. नृपेंद्र मिश्र के बयान के बाद अब बहस इस बात पर केंद्रित है कि आखिर चंपत राय कौन हैं और राम मंदिर से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका कितनी अहम रही है.