शरद कोहली ने बताया कि दरअसल, खाड़ी क्षेत्र में तनाव के चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिससे तेल खरीदने के लिए देशों को ज्यादा डॉलर की जरूरत पड़ी. इससे डॉलर की डिमांड बढ़ गई और डॉलर इंडेक्स मजबूत हो गया. जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने पर दबाव पड़ता है और उसकी कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है. हालांकि, यह गिरावट शॉर्ट टर्म है. युद्ध में अमेरिका की बढ़ती भागीदारी उसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव बना सकती है, जिससे आगे चलकर डॉलर कमजोर पड़ सकता है.