UPI से पेमेंट करने वालों के लिए 15 अक्टूबर से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर नया MDR फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा, जिसके तहत ₹2,000 से ज्यादा के कुछ UPI भुगतान पर 0.4 फीसदी तक MDR लग सकता है. इसी शुल्क को लेकर बहस के बीच नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी का बयान चर्चा में है. उन्होंने 40 पैसे के उदाहरण से कहा कि इतनी छोटी रकम देने से किसी पर खास फर्क नहीं पड़ेगा. हालांकि, यह शुल्क ग्राहक से नहीं लिया जाएगा और ₹2,000 तक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू नहीं होगा. ऐसे में नए नियम का असर किन लेनदेन पर पड़ेगा, यह समझना जरूरी है.