मशहूर अर्थशास्त्री डॉ. शरद कोहली ने स्टेट मिरर हिंदी के साथ खास पॉडकास्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा और साफ संदेश दिया है. उनका कहना है कि आने वाले 10 साल भारत के लिए निर्णायक और ऐतिहासिक होने वाले हैं, जबकि विदेशों में आर्थिक हालात लगातार चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं. डॉ. कोहली बताते हैं कि अब डॉलर और यूरो के पीछे भागने वाली सोच पुरानी पड़ चुकी है. वैश्विक बाज़ार में अवसर घट रहे हैं और पश्चिमी अर्थव्यवस्थाएं अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही हैं. ऐसे में भारत निवेश और विकास के लिए दुनिया का नया केंद्र बन रहा है. उन्होंने सोने में निवेश को लेकर भी अहम सलाह दी. डॉ. कोहली के मुताबिक हर तरह का सोना निवेश के लिए सही नहीं होता. उन्होंने बताया कि किस फॉर्म में सोना खरीदना समझदारी है और सोने के दाम कब नरम पड़ सकते हैं, ताकि निवेशक सही समय पर फैसला ले सकें.