NEET परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ शुरू हुए आंदोलन के मूल मुद्दे को रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बख्शी ने जेन्युइन बताया. उनका कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों में गुस्सा पैदा होना स्वाभाविक है. बातचीत में आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधारों का भी जिक्र हुआ. जीडी बख्शी ने दावा किया कि बाद के चरण में आंदोलन का इस्तेमाल कथित तौर पर बड़े राजनीतिक मकसद के लिए किया गया. उन्होंने इसे नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका में देखे गए आंदोलनों से जोड़ते हुए ‘कलर्ड रेवोल्यूशन’ की थ्योरी रखी. उन्होंने विदेशी ताकतों और सोशल मीडिया के कथित प्रभाव को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए, हालांकि ये इंटरव्यू में किए गए दावे हैं. चर्चा में परीक्षा प्रणाली में सख्त सुधार, पेपर लीक पर कड़ी सजा और फास्ट-ट्रैक कोर्ट जैसे कदमों को भी अहम बताया गया. जीडी बख्शी ने कहा कि छात्रों की genuine शिकायतों का समाधान जरूरी है, लेकिन आंदोलन को हिंसक या राजनीतिक दिशा में जाने से रोकना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.