NEET 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्रों और उनके परिवारों में गुस्सा, डर और निराशा का माहौल है. स्टेट मिरर से बातचीत में एक्सपर्ट ने बताया कि पेपर लीक का सबसे बड़ा खतरा पेन-पेपर मोड में होता है, क्योंकि प्रश्नपत्र प्रिंटिंग प्रेस से लेकर हजारों सेंटरों तक पहुंचता है और इस पूरी प्रक्रिया में लाखों लोग जुड़े होते हैं. ऐसे में किसी भी स्तर पर जानकारी बाहर निकल सकती है. कई लोगों ने आरोप लगाया कि NTA लगातार सवालों के घेरे में है और छात्रों का भरोसा अब परीक्षा सिस्टम से उठता जा रहा है. इस चर्चा में यह भी सामने आया कि लाखों छात्र 1-2 साल नहीं बल्कि 4-5 साल तक तैयारी करते हैं, परिवार भारी फीस और EMI का बोझ उठाते हैं, लेकिन पेपर लीक होने के बाद सबसे बड़ा मानसिक आघात छात्र को झेलना पड़ता है.