दिल्ली की तिहाड़ जेल के पूर्व जेलर अजय भाटिया ने स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर क्राइम एंड इन्वेस्टिगेशन संजीव चौहान के साथ खास बातचीत में जेलों की सुरक्षा व्यवस्था और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े कई अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि तिहाड़ जेल में लॉरेंस की गतिविधियों पर नजर रखने के दौरान आसपास मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट मिलने की घटनाएं उनके लिए चिंता का विषय थीं. भाटिया के मुताबिक, लॉरेंस से जुड़े लोगों के नाम पर रंगदारी के मामले और जेल के भीतर उसकी गतिविधियों को देखते हुए उन्होंने उसे तिहाड़ से दूसरी जेल में शिफ्ट करने की सिफारिश की थी. उन्होंने तिहाड़ जेल की सुरक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठाए. सुकेश चंद्रशेखर का जिक्र करते हुए जेल अधिकारियों को कथित तौर पर मिलने वाली सुविधाओं और पैसों के बारे में भी बताया. बातचीत में अजय भाटिया ने लॉरेंस के व्यवहार के बारे में बताया कि वह जेल में कम बोलता था, अपना ज्यादातर समय पूजा-पाठ में बिताता था और दूसरे कैदियों से ज्यादा बातचीत नहीं करता था.