अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान-इजराइल जंग ने न सिर्फ पश्चिम एशिया का तापमान बढ़ा दिया है, बल्कि अमेरिका के खजाने को भी खाली कर दिया है. आम अमेरिकी नागरिक और विपक्षी नेता सवाल कर रहे हैं कि जब देश शांति की राह पर था, तो ट्रंप ने क्यों ईरान को जगाकर घर बैठे मुसीबत मोल ले ली. इस जंग का सीधा असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ा है, और आम लोगों को इसके सिवाय कुछ हासिल नहीं हो रहा, सिर्फ बर्बादी और आर्थिक नुकसान ही हो रहा है. इस पूरे घाटे के पीछे की असली वजह भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की कमजोर नीतियाँ और उत्पादन क्षमता की सीमितता मानी जा रही है. देश के मशहूर अर्थशास्त्री डॉ. शरद कोहली ने इस पर इनसाइड रिपोर्ट देते हुए बताया कि कैसे नीति की कमजोरी और उत्पादन में कमी ने भारत को चीन के साथ व्यापार में भारी नुकसान में डाल दिया.