मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के भगीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से 16 लोगों की मौत ने पूरे देश में पानी की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है. सीवेज लाइन के पीने के पानी की पाइपलाइन में मिल जाने से यह हादसा हुआ, जबकि पानी दिखने और सूंघने में बिल्कुल साफ था. विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि सबसे खतरनाक प्रदूषण वही होता है जो दिखाई नहीं देता. लैब टेस्ट सबसे भरोसेमंद तरीका है, लेकिन घर पर कोलीफॉर्म, क्लोरीन, टर्बिडिटी और TDS जैसे बेसिक टेस्ट किट से शुरुआती जांच की जा सकती है. उबालने से बैक्टीरिया मर सकते हैं, लेकिन सीसा या आर्सेनिक जैसे रसायन नहीं हटते. इंदौर की घटना एक चेतावनी है- सतर्क रहें, पानी की जांच कराएं और जवाबदेही तय करें.