भारत के पहले आम चुनाव में लोकतंत्र की एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसने महिलाओं की पहचान और उनके वोट देने के अधिकार को नई दिशा दी. आखिर क्यों 28 लाख महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटाने पड़े? कौन थे भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन, जिन्होंने महिलाओं को ‘किसी की मां’ या ‘किसी की पत्नी’ नहीं, बल्कि उनकी अपनी पहचान से वोट देने का अधिकार दिलाने की ठानी? जानिए भारत के पहले आम चुनाव और लोकतंत्र के इस गुमनाम हीरो की ऐतिहासिक कहानी.