भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील को ‘मदर ऑफ ऑल डील’ कहा जा रहा है. इस समझौते के तहत भारत 27 यूरोपीय देशों के साथ डायरेक्ट ट्रेड करेगा, जिससे भारतीय उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील चीन के मैन्युफैक्चरिंग हब को सीधी चुनौती दे सकती है और इसका असर पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों पर भी पड़ेगा.