अगर आप यूज्ड कार खरीदने का सोच रहे हैं तो सिर्फ गाड़ी की चमक और साफ इंटीरियर देखकर फैसला न करें, क्योंकि असली स्थिति गाड़ी के नीचे छिपी हो सकती है. कार खरीदने से पहले उसे हाइड्रोलिक लिफ्ट पर उठाकर अच्छी तरह जांचना बेहद जरूरी है. सबसे पहले इंजन, गियरबॉक्स, कूलेंट सिस्टम, पावर स्टीयरिंग और ब्रेक सिस्टम में किसी तरह की लीकेज जरूर देखें, क्योंकि छोटी लीकेज आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है. इसके बाद अंडरबॉडी में रस्ट और चेसिस की हालत जांचें, क्योंकि ज्यादा जंग गाड़ी की मजबूती और सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है. तीसरा चेक सस्पेंशन सिस्टम का है, जिसमें शॉक एब्जॉर्बर, स्प्रिंग और दूसरे हिस्सों की स्थिति देखनी चाहिए. इसके बाद चेसिस पर मोड़, वेल्डिंग के निशान या असमान सतह जैसे एक्सीडेंट के संकेत तलाशें, क्योंकि इससे पता चल सकता है कि गाड़ी पहले किसी बड़े हादसे का शिकार हुई है. सबसे बेहतर तरीका है कि गाड़ी को किसी भरोसेमंद प्रोफेशनल वर्कशॉप में अनुभवी मैकेनिक से चेक करवाएं. इसके लिए कुछ हजार रुपये खर्च हो सकते हैं, लेकिन यह आगे होने वाले बड़े खर्च से बचा सकता है. इसलिए यूज्ड कार खरीदते समय सिर्फ उसकी चमक देखकर डील फाइनल न करें, बल्कि लिफ्ट पर पूरी अंडरबॉडी जांच करवाकर ही फैसला लें.