दुनिया की अर्थव्यवस्था और जियो पॉलिटिकल हालात इस समय कई बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं. डॉलर की कमजोरी के बीच सोने और चांदी की कीमतों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है. माना जाता है कि जब डॉलर कमजोर होता है और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने का रुख कर सकते हैं. दूसरी ओर, रूस और NATO के बीच बढ़ते तनाव ने भी चिंता बढ़ाई है. इसी बीच कुछ विशेषज्ञों ने आने वाले वर्षों में बड़े वैश्विक सैन्य संघर्ष की आशंका जताई है. ऐसे में सवाल है कि क्या दुनिया किसी बड़े संकट की ओर बढ़ रही है और इसका असर बाजार पर कितना पड़ेगा?