उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात के बाद मुस्लिम वोटों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं. वहीं, असदुद्दीन ओवैसी की सक्रियता और कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर जारी खींचतान ने सपा की चुनौतियां बढ़ा दी हैं. बीजेपी भी अपनी चुनावी रणनीति और जातीय समीकरणों को मजबूत करने में जुटी है. वरिष्ठ पत्रकार धीरेंद्र पुंडीर ने State Mirror के साथ बातचीत में बताया कि आजम खान की सपा की राजनीति में कितनी अहमियत है, ओवैसी की एंट्री से क्या बदल सकता है और यूपी चुनाव 2027 में सपा-कांग्रेस गठबंधन से लेकर बीजेपी की रणनीति तक, किन मुद्दों पर मुकाबला दिलचस्प होने वाला है.