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Ground Report: अंकिता हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं, रामलीला मैदान में उत्तराखंड की बिटिया को न्याय दिलाने के लिए पीड़ित परिजन की पुकार

दिल्ली के रामलीला मैदान में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग उठी. प्रदर्शनकारियों ने VVIP का खुलासा करने और दोषियों को सजा देने की आवाज उठाई.

Ground Report: अंकिता हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं, रामलीला मैदान में उत्तराखंड की बिटिया को न्याय दिलाने के लिए पीड़ित परिजन की पुकार
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सागर द्विवेदी
सागर द्विवेदी3 Mins Read

Updated on: 1 Nov 2026 4:58 PM IST

Ramlila Maidan Ground Report: रामलीला मैदान में कई तरह के प्रदर्शनकारी दिखाई दिए. इनमें उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने के लिए पहुंचे लोग भी शामिल थे. उन्होंने अपनी आवाज उठाने और VVIP का खुलासा करने की मांग को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को इंसाफ दिलाने की मांग करते हुए कई लोगों की आंखों में एक ही उम्मीद दिखाई दी. वहीं, मोदी सरकार और राज्यपाल दुष्यंत गौतम को लेकर भी जमकर नारेबाजी हुई.

हाथों में पोस्टर लेकर लोग अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे. इस दौरान 'अंकिता हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं' और 'उत्तराखंड की बेटी को न्याय दो' जैसे नारे लगाए गए. साथ ही लोग सवाल उठा रहे थे कि असली दोषी कौन है, जो दिल्ली में मौन है?

रामलीला मैदान में कितनी भीड़ थी?

जैसा कि आपको बता दें कि रामलीला मैदान में करीब 50 हजार लोगों के उपस्थित होने की संभावना जताई गई थी. वहीं, पूरा मैदान कार्यकर्ताओं से भरा हुआ दिखाई दिया. इस मैदान में हर कोई सिर्फ मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार का मुद्दा नहीं उठा रहा था, बल्कि देश में हो रहे उन सभी कामों को लेकर भी आवाज उठाई जा रही थी, जिन्हें लोग न्याय के खिलाफ मानते हैं. यहां कई तरह के प्रदर्शनकारी दिखाई दिए. बात करें आज की इस रैली में लोगों की संख्या की तो करीब एक लाख लोगों का जमावड़ा था. हर एक पार्टी के कार्यकर्ता यहां पहुंचे थे. 'वोट चोर, गद्दी छोड़' के नारे से पूरा मैदान गूंज उठा.

रामलीला मैदान में रैली से क्या व्यापारियों से ज्यादा आम आदमी को परेशानी

दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के प्रदर्शन (1 नवंबर 2026) के कारण आसपास के 20 प्रमुख बाजारों और कई मुख्य मार्गों पर भारी जाम लगा और यातायात प्रभावित रहा. इस दौरान स्टेट मिरर हिंदी ने कुछ लोगों से बात की. कुछ लोगों ने बताया कि यह दिल्ली पुलिस की नाकामी है, क्योंकि पहले से कोई इंतजाम नहीं किए गए थे. कई लोगों की ट्रेन छूट गई. एक युवक ने बताया, "मैं अपने बच्चों और पत्नी को ट्रेन में बैठाने जा रहा था, लेकिन मुझे यहां से रोक लिया गया. वे ट्रेन नहीं पकड़ पाए और अब वापस लौट गए."

रामलीला मैदान में हुए प्रदर्शन के कारण आम लोगों को खरीदारी के अलावा कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा. इनमें यातायात जाम, कई लोगों की ट्रेन छूट जाना और रास्ता भटक जाना शामिल है. कई लोग अभी भी रास्ता भटक रहे हैं, क्योंकि रेलवे स्टेशन जाने वाला रास्ता पूरी तरह से बंद है.

स्टेट मिरर स्पेशल
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