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‘बदमाशों का देवता’ बनने का दावा करने वाला प्रताप कौन? वायरल वीडियो के बाद मुजफ्फरनगर में मुठभेड़, 10 लाख रंगदारी केस का खुलासा

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में खुद को ‘बदमाशों का देवता’ बताने वाला प्रताप चौधरी पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ. 10 लाख रंगदारी और सुपारी किलिंग की साजिश का खुलासा.

‘बदमाशों का देवता’ बनने का दावा करने वाला प्रताप कौन? वायरल वीडियो के बाद मुजफ्फरनगर में मुठभेड़, 10 लाख रंगदारी केस का खुलासा
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( Image Source:  @Raajeev_Chopra- X )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी5 Mins Read

Updated on: 6 March 2026 6:55 PM IST

सोशल मीडिया पर हर दिन कई ऐसे वीडियो सामने आते हैं जो लोगों को हैरान कर देते हैं. कहीं किसी घटना का वीडियो वायरल हो जाता है, तो कहीं अजीबो-गरीब दावे चर्चा का विषय बन जाते हैं. कई बार गैंगस्टरों और बदमाशों से जुड़े वीडियो भी सामने आते हैं, जिनमें लोग खुद को किसी गैंग से जुड़ा बताकर सनसनी फैलाने की कोशिश करते हैं. ऐसे वीडियो अक्सर हिंसा और अपराध की दुनिया को लेकर भी सवाल खड़े करते हैं.

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक और चौंकाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक युवक खुद को प्रताप बताता है और दावा करता है कि वह 'प्रताप उर्फ बदमाशों का देवता' है. युवक का यह बयान सुनकर आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह जाते हैं. अब सवाल उठ रहा है कि आखिर वह ऐसा दावा क्यों कर रहा है और इसके पीछे की सच्चाई क्या है?

बदमाशों का देवता क्यों बनाना?

सवाल: वायरल वीडियो में युवक अपना नाम क्या बता रहा है?

जवाब: वीडियो में जब उससे नाम पूछा जाता है तो वह खुद को “प्रताप उर्फ बदमाशों का देवता” बताता है. उसका यह जवाब सुनकर आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह जाते हैं.

सवाल: युवक किस गैंग से जुड़ा होने का दावा कर रहा है?

जवाब: वीडियो में युवक दावा करता है कि वह Anil Dujana गैंग से जुड़ा हुआ है. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

सवाल: वह खुद को ‘बदमाशों का देवता’ क्यों कह रहा है?

जवाब: जब उससे यह सवाल पूछा गया तो युवक ने कहा कि वह केवल बदमाश नहीं बनना चाहता, बल्कि “बदमाशों का देवता” बनना चाहता है. उसका कहना है कि बदमाश तो बहुत मिले हैं जी...

सवाल: क्या युवक ने धमकी देने की बात भी मानी?

जवाब: वीडियो में जब उससे पूछा गया कि क्या उसने किसी को धमकी दी है, तो युवक ने साफ कहा, “हां, हमने धमकी दी है.” वह यह भी स्वीकार करता है कि उसकी बातचीत की रिकॉर्डिंग की गई है.

सवाल: युवक के शौक क्या बताए गए?

जवाब: युवक ने बताया कि उसे किसी खास चीज का शौक नहीं है, लेकिन वह शायरी लिखता है. उसने यह भी कहा कि उसने अपने बारे में भी कुछ शायरी लिख रखी है.

सवाल: क्या उसे सरकार या पुलिस का डर नहीं लगता?

जवाब: जब उससे पूछा गया कि क्या उसे Yogi Adityanath की सरकार से डर नहीं लगता, तो युवक ने जवाब दिया कि उसे डर लगता है.

क्या है पूरा मामला और व्यापारी से क्यों मांगी गई थी रंगदारी?

पुलिस के अनुसार पटेलनगर निवासी व्यापारी राजीव जैन को मोबाइल फोन पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगते हुए धमकी दी गई थी. आरोपियों ने रकम न देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी थी. व्यापारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया. इसके बाद सीओ सिटी सिद्धार्थ के मिश्रा के निर्देशन और सिविल लाइन थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने पूरे मामले की जांच शुरू की.

पुलिस ने आरोपियों तक कैसे पहुंच बनाई?

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध युवकों की पहचान कर ली. शुक्रवार दोपहर पुलिस को सूचना मिली कि रंगदारी मांगने वाले आरोपी बामनहेड़ी इलाके के आसपास मौजूद हैं. जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों संदिग्धों को घेरने की कोशिश की. जैसे ही पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी.

मुठभेड़ में क्या हुआ और कौन-कौन पकड़ा गया?

पुलिस के मुताबिक आरोपियों को रुकने और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने लगातार गोलीबारी जारी रखी. इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की. इस मुठभेड़ में हुसैनपुर, थाना रामराज निवासी प्रताप चौधरी उर्फ ‘बदमाशों का देवता’ (पुत्र नरेश पाल) घायल हो गया. वहीं उसका साथी रवि (निवासी बालेनी, बागपत) कॉम्बिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया.

पूछताछ में क्या खुलासा हुआ?

पुलिस पूछताछ में प्रताप चौधरी ने चौंकाने वाले खुलासे किए. उसने बताया कि वह अपने साथी रवि उर्फ शूटर के साथ मिलकर लोगों की हत्या की सुपारी लेते थे. आरोपी ने यह भी बताया कि जेल में उसकी मुलाकात अतुल कुमार नाम के व्यक्ति से हुई थी. उसी ने व्यापारी राजीव जैन की हत्या के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी दी थी. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जिला परिषद मार्केट में राजीव जैन की हत्या करने की योजना बनाई थी. हालांकि पुलिस की समय रहते कार्रवाई से यह साजिश नाकाम हो गई.

क्या आगे और खुल सकते हैं बड़े राज?

पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य भी सामने आ सकते हैं और कई अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है. घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया है, जबकि उसके साथी से लगातार पूछताछ जारी है.

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