राम मंदिर में महिपाल सिंह को क्या मिली थी जिम्मेदारी, जिनके दावे ने खोली चढ़ावे में घपले की पोल, बताया कैसे होता था बंदरबांट? 10 Points
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच पूर्व लेखा प्रभारी होने का दावा करने वाले महिपाल सिंह चर्चा में हैं. उन्होंने इस पूरे प्रोसेस का खुलासा किया है जिसके जरिए चढ़ावे के पैसों में घपला किया जाता था.
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद मामला राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है. भाजपा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आरोपों से इनकार किया है, लेकिन खुद को मंदिर का पूर्व लेखा प्रभारी बताने वाले महिपाल सिंह ने कई गंभीर दावे करते हुए विवाद को और हवा दे दी है. महिपाल का आरोप है कि मंदिर के चढ़ावे में कई साल अनियमितताएं हो रही थीं और उन्होंने स्वयं इस कथित गड़बड़ी को पकड़ा था.
महिपाल सिंह ने विभिन्न यूट्यूब चैनलों को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि उन्होंने चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं की जानकारी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को दी थी. उनके अनुसार, शिकायत के बाद कथित तौर पर दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही वहां से हटा दिया गया.
10 प्वाइंट्स में समझिए पूरा मामला
1. राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का मुद्दा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उठाए जाने के बाद चर्चा में आया.
2. भाजपा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चढ़ावे में किसी भी तरह की गड़बड़ी के आरोपों से इनकार किया है.
3. खुद को पूर्व लेखा प्रभारी बताने वाले महिपाल सिंह ने दावा किया कि मंदिर के चढ़ावे में लंबे समय से अनियमितताएं हो रही थीं.
4. महिपाल के अनुसार, मंदिर परिसर में दान राशि की गिनती के लिए खास सेक्शन बनाया गया था, जहां सीसीटीवी कैमरे भी लगे थे.
5. उन्होंने आरोप लगाया कि गिनती प्रक्रिया में शामिल कुछ लोगों द्वारा नोटों की गड्डियों में कथित हेरफेर किया जाता था. उन्होंने बताया कि नोटों की गिनती करने बैंक अधिकारी रत्नेश त्यागी और गगनदीप आते थे
6. महिपाल का दावा है कि कई बार 10 गड्डियों के स्थान पर 12 या 13 गड्डियां रखी जाती थीं, जबकि रिकॉर्ड केवल 10 गड्डियों का बनाया जाता था.
7. उनके अनुसार, एक बार संदेह होने पर बॉक्स की जांच कराई गई, जिसमें लगभग 5 लाख रुपये अतिरिक्त पाए गए थे.
8. उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को जानकारी दी गई थी, लेकिन कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
9. महिपाल ने यह भी आरोप लगाया कि सोना, चांदी और अन्य धातुओं के दान का भी समुचित रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था और केवल तस्वीरें भेजने के निर्देश थे.
10. महिपाल सिंह का कहना है कि यदि इस मामले में किसी भी प्रकार की जांच होती है, तो वह पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं.
कौन हैं महिपाल सिंह?
- महिपाल सिंह मूल रूप से राजस्थान के निवासी बताए जाते हैं.
- वह बैंक अधिकारी रह चुके हैं.
- उन्हें राम मंदिर से जुड़े वित्तीय और लेखा कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
- उनके अनुसार, उन्होंने जनवरी 2021 से मार्च-अप्रैल 2022 तक राम मंदिर परिसर में लेखा संबंधी कार्य संभाला.
- हाल के दिनों में चढ़ावा विवाद को लेकर दिए गए बयानों के बाद उनका नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया है.
- महिपाल सिंह राजपूत समाज से आते हैं.




