Begin typing your search...

संबंध के बदले पद, भाजपा नेता पर आरोप लगाने वाली BJP की पूर्व नेत्री दीपाली तिवारी कौन? 3 मिनट 57 सेकेंड के LIVE वीडियो में क्या-क्या?

भाजपा की एक पूर्व महिला पदाधिकारी जिनका नाम दिपाली तिवारी ने पार्टी के जिलाध्यक्ष पर बेहद गंभीर आरोप लगा दिए. फेसबुक लाइव के जरिए सामने आई इस शिकायत ने पूरे राजनीतिक गलियारे में सनसनी फैला दी है.

संबंध के बदले पद, भाजपा नेता पर आरोप लगाने वाली BJP की पूर्व नेत्री दीपाली तिवारी कौन? 3 मिनट 57 सेकेंड के LIVE वीडियो में क्या-क्या?
X
( Image Source:  @SachinGuptaUP- X )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी6 Mins Read

Published on: 27 April 2026 5:14 PM

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में सियासत उस वक्त उबाल पर आ गई, जब भाजपा की एक पूर्व महिला पदाधिकारी जिनका नाम दिपाली तिवारी ने पार्टी के जिलाध्यक्ष पर बेहद गंभीर आरोप लगा दिए. फेसबुक लाइव के जरिए सामने आई इस शिकायत ने पूरे राजनीतिक गलियारे में सनसनी फैला दी है. वीडियो वायरल होते ही मामला तूल पकड़ गया और अब यह सिर्फ एक आरोप नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है.

जहां एक तरफ कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है, वहीं दूसरी ओर कुशवाहा महासभा और Yogi Adityanath Yuva Brigade जिलाध्यक्ष के समर्थन में सड़कों पर उतर आए हैं और इसे साजिश बता रहे हैं. आइए इस अर्टिकल में जानते हैं कौन है महिला पदाधिकारी दिपाली तिवारी और भाजपा के जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा के बारे में....

क्या है पूरा मामला?

महिला नेता ने आरोप लगाया कि महोबा BJP जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने उन्हें जिला उपाध्यक्ष बनाने के बदले 'कुछ देने' की बात कही. महिला के मुताबिक, उनसे साफ तौर पर यौन संबंध बनाने की मांग की गई. उन्होंने दावा किया कि उनसे कहा गया कि वह एक रात साथ बिताएं और बिना किसी को बताए लखनऊ और दिल्ली चलें. यह आरोप सामने आते ही सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो गया और पार्टी के भीतर खलबली मच गई.

क्या सिर्फ एक ही शख्स पर आरोप है?

महिला नेता ने यह भी आरोप लगाया कि जिला उपाध्यक्ष पंकज तिवारी ने उन्हें यह प्रस्ताव मानने की सलाह दी और कहा कि इससे उन्हें बड़ा पद मिल सकता है. इसके अलावा, एक अन्य पदाधिकारी जयपाल पर भी आरोप है कि उन्होंने देर रात फोन कर महिला पर दबाव बनाने की कोशिश की. महिला का कहना है कि मना करने पर उनके पति को झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी भी दी गई.

आरोपों पर क्या बोले कुशवाहा?

Mohanlal Kushwaha ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि यह उनकी छवि खराब करने की साजिश है और सच्चाई निष्पक्ष जांच में सामने आ जाएगी. वहीं, पंकज तिवारी ने भी इन आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया है.

क्या पुलिस में शिकायत होगी?

महिला नेता ने साफ किया है कि वह इस मामले में पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देंगी और पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगी. उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

सियासत क्यों गरमा गई?

इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो शेयर कर भाजपा पर तीखा हमला बोला. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि महिला सम्मान की बात करने वाली पार्टी के भीतर ही ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जो उसकी 'एंटी-वुमन मानसिकता' को उजागर करते हैं. दूसरी ओर, कुशवाहा महासभा और Yogi Adityanath Yuva Brigade ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि अगर आरोप झूठे हैं तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

दीपाली ने आगे आरोप लगाया कि जिला अध्यक्ष ने उन्हें डराने की कोशिश भी की. उन्होंने कहा, "मोहन लाल जी ने धमकी दी कि अगर मैं शांत नहीं होती हूं, तो मेरे पति के ऊपर धारा 376 लगाकर जेल में डलवा देंगे. मैं चाहती हूं कि उन्हें पद से हटाया जाए और मुझे न्याय मिले."

कौन हैं भाजपा नेता मोहनलाल कुशवाहा?

Mohanlal Kushwaha उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में भाजपा के जिलाध्यक्ष हैं. हाल में पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने उन पर फेसबुक लाइव में आरोप लगाया कि पद दिलाने के बदले यौन शोषण की कोशिश की गई और मना करने पर धमकी दी गई. कुशवाहा ने आरोपों को साजिश बताया है. इस विवाद में जहां कुछ संगठन उनके समर्थन में उतरे हैं, वहीं कांग्रेस समेत विपक्ष ने भाजपा पर निशाना साधा है.

कौन हैं दीपाली तिवारी? महोबा विवाद के बीच सामने आई पूरी कहानी

उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों चर्चा का केंद्र बनीं दीपाली तिवारी का नाम महोबा बीजेपी विवाद के बाद तेजी से सुर्खियों में आया है. लेकिन उनकी पहचान सिर्फ इस विवाद तक सीमित नहीं है. दीपाली लंबे समय से राजनीति और समाजसेवा में सक्रिय रही हैं और उनका बैकग्राउंड भी काफी मजबूत रहा है. उनकी कहानी एक ऐसे राजनीतिक सफर को दिखाती है, जहां विरासत, संगठन में मेहनत और सक्रियता. तीनों ने मिलकर उन्हें एक पहचान दिलाई.

क्या है दीपाली तिवारी का पारिवारिक और राजनीतिक बैकग्राउंड?

दीपाली तिवारी का मायका कौशांबी जिले में है. उनका परिवार दशकों से राजनीति और समाजसेवा से जुड़ा रहा है. उनके दादा मंगला प्रसाद तिवारी, जिन्हें ‘जर्मन मास्टर’ के नाम से भी जाना जाता था, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे और करीब 50 साल पहले चायल विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुके हैं. यही वजह है कि दीपाली तिवारी को राजनीति का अनुभव और समझ विरासत में मिली है.

बीजेपी में दीपाली तिवारी का सफर कैसा रहा?

दीपाली तिवारी पिछले करीब 10 सालों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ी रही हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं. 9 साल तक जिला मंत्री के पद पर रहीं, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान की जिला संयोजिका की जिम्मेदारी संभाली, संगठन में महिला नेतृत्व के तौर पर पहचान बनाई. हालांकि, इसी साल की शुरुआत में उन्होंने जिला मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जो उस समय भी चर्चा का विषय बना था.

अगला लेख