Tiger Shroff Firing: एक सोनीपत में करती थी काम, दूसरी रह रही पति से अलग, ऐसी है लॉरेंस गैंग से जुड़ी राधा-बबीता की जिंदगी
टाइगर श्रॉफ मामले में दो लड़कियों को गिरफ्तार किया गया है. जिसमें बबीता सोनीपत में पैकेजिंग का काम करती थी. वहीं, राधा पति से अलग रह रही थी.
मुंबई में एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले ने दो ऐसी लड़कियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी जिंदगी अब तक परिवार और रोजगार की तलाश के इर्द-गिर्द घूमती थी. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की रहने वाली 22 साल की बबीता सोनीपत में पैकेजिंग का काम करने गई थी, जबकि 23 साल की राधा पारिवारिक विवाद के बाद पति से अलग होकर मायके लौट आई थी. बाद में वह भी रोजगार की तलाश में घर से दूर चली गई.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बबीता और राधा को दो अन्य युवकों के साथ गिरफ्तार किया है. पुलिस का आरोप है कि दोनों महिलाएं लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हथियार सप्लाई मॉड्यूल का हिस्सा थीं और मुंबई में एक शख्स तक पिस्तौल पहुंचाने गई थीं.
बबीता के घर में कौन-कौन?
22 साल की बबीता उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के कोठियार गांव की रहने वाली है. बबीता तीन बहनों में सबसे छोटी है. उसकी दोनों बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि परिवार के दोनों भाई काम के सिलसिले में दूसरे राज्यों में रहते हैं. उसके पिता राम जतन खेती-किसानी करते हैं. जून में बबीता एक शादी में शामिल होने के लिए अपने गांव आई थी. अब फायरिंग केस में उसका नाम सामने आने से लोग हैरान हैं. गांव वालों का कहना है कि बबीता का कोई भी क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं रहा है.
क्या काम करती थी बबीता?
करीब दो साल पहले वह काम की तलाश में अपना गांव छोड़कर सोनीपत चली गई थी. गांव के प्रधान अतुल राय के मुताबिक, वहां पहले से काम कर रहे उसके कुछ रिश्तेदारों ने उसे पैकेजिंग की नौकरी के बारे में बताया था. इसी आस में बबीता भी नौकरी करने सोनीपत पहुंच गई.
राधा के परिवार में कौन?
राधा के परिवार में उसके पिता प्रकाश, तीन भाई और एक बहन हैं. गांव में रहने के बाद राधा ने काम की तलाश में बाहर जाने का फैसला किया. गांव वालों को बताया गया था कि वह दिल्ली में रहकर एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर रही है. अप्रैल में वह परिवार के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने गांव लौटी थी. किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ महीनों बाद उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आएगी. टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में उसके परिवार का कहना है कि राधा को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है.
मायके में रह रही थी राधा
राधा की कहानी बबीता से अलग है. 23 साल की राधा उत्तर प्रदेश के नहवइया गांव की रहने वाली है. पूर्व ग्राम प्रधान नरेश चंद्र मिश्रा के अनुसार, राधा की शादी साल 2016 में सुनील कुमार से हुई थी. दोनों का एक बेटा भी है. हालांकि, पारिवारिक विवाद के बाद राधा अपने पति से अलग होकर मायके लौट आई थी.
मुंबई क्यों पहुंचीं दोनों महिलाएं?
पुलिस की जांच में सामने आया है कि राधा की पहचान करीब दो महीने पहले कुणाल से हुई थी. कुणाल पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध होने का आरोप है. पुलिस के अनुसार, उसी ने राधा को पिस्तौल लेकर मुंबई जाने के लिए राजी किया था. आरोप है कि पिछले हफ्ते राधा और बबीता ट्रेन से मुंबई पहुंचीं. उनके पास एक बैग था, जिसमें कथित तौर पर पिस्तौल रखी हुई थी. इसे एक युवक को सौंपना था. जांचकर्ताओं को आशंका है कि शनिवार को युवक को दी गई इसी पिस्तौल का इस्तेमाल रविवार शाम हुई फायरिंग में किया गया. इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को दोनों महिलाओं के अलावा 21 साल के कुणाल और 19 साल के सुमित को भी हिरासत में लिया.




