Begin typing your search...

श्रद्धा दुबे का दूसरा बॉयफ्रेंड आमिर कौन? फर्जी सिम और नेपाल बार्डर...12 दिन की फरारी में ऐसे करता रहा मदद

शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस की जांच आमिर तक पहुंची है. आरोप है कि उसने श्रद्धा दुबे को फरार होने में मदद की, नेपाल बॉर्डर की ओर ले गया और फर्जी पहचान पर सिम कार्ड दिलाया. जानिए आमिर की भूमिका को लेकर अब तक क्या सामने आया है.

श्रद्धा दुबे का दूसरा बॉयफ्रेंड आमिर कौन? फर्जी सिम और नेपाल बार्डर...12 दिन की फरारी में ऐसे करता रहा मदद
X

लखनऊ के शिवा शर्मा की मौत के मामले में अब जांच का दायरा श्रद्धा दुबे से आगे बढ़कर आमिर तक पहुंच गया है. पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा के फरार होने के दौरान आमिर ने उसकी मदद की थी. आरोप है कि वह श्रद्धा को लेकर नेपाल सीमा की तरफ गया और उसके लिए फर्जी पहचान पत्र के आधार पर सिम कार्ड भी किया. अब पुलिस उससे यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि श्रद्धा दूबे को फरार रहने में और किन लोगों ने मदद पहुंचाई थी इसका खुलासा भी अब धीरे-धीरे साफ होने लगा है.

श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में आमिर का नाम सामने आने के बाद एक और सवाल उठ रहा है. श्रद्धा दुबे शिवा शर्मा के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी, तो आमिर के साथ उसका रिश्ता क्या था? क्या आमिर सिर्फ श्रद्धा को फरार होने में मदद करने वाला व्यक्ति था या उसकी भूमिका इससे पहले भी थी? इन सवालों के जवाब अभी जांच के दायरे में हैं.

कौन है आमिर और श्रद्धा दुबे से क्या है उसका रिश्ता?

आमिर की पहचान श्रद्धा दुबे के कथित बॉयफ्रेंड के तौर पर सामने आई है. कहा जा रहा है आमिर ने बहराइच से नेपाल बॉर्डर तक पहुंचाया. आमिर ने श्रद्धा के लिए फर्जी ID पर सिम लिया था और उसी सिम के जारिए श्रद्धा फरारी काट रही थी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दावा किया जा रहा है श्रद्धा दुबे का दूसरा बॉयफ्रेंड लखनऊ के चौक का रहने वाला था और उसका भी राजनीति से संबंध होने के दावे किए जा रहे हैं हालांकि इस तरह के किसी दावों की पुष्टि स्टेट मिरर हिंदी नहीं करता है.

शिवा शर्मा की मौत के मामले में श्रद्धा को मुख्य आरोपियों में शामिल किया गया है. वह लखनऊ में कैफे चलाने वाले 28 वर्षीय शिवा के साथ लिव-इन में रह रही थी. ऐसे में आमिर का नाम सामने आने से उसके निजी संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, केवल आमिर को बॉयफ्रेंड बताए जाने के आधार पर श्रद्धा के रिश्तों की पूरी कहानी तय नहीं की जा सकती. पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि शिवा की मौत और श्रद्धा के फरार होने की घटनाओं में आमिर की वास्तविक भूमिका क्या थी.

शिवा की मौत के बाद श्रद्धा के साथ कहां गया था आमिर?

पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर की रात शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा लखनऊ से फरार हो गई थी. आरोप है कि इस दौरान आमिर उसके साथ था और उसे नेपाल सीमा की ओर ले गया था. श्रद्धा की गिरफ्तारी से पहले पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी. वह कथित तौर पर कई दिनों तक पुलिस की पहुंच से बाहर रही. इसी दौरान आमिर ने उसे मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराया था, ऐसा पुलिस का आरोप है. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नेपाल जाने की योजना कैसे बनी, श्रद्धा को रास्ते में कहां ठहराया गया और क्या उसे फरार रहने के लिए किसी अन्य व्यक्ति ने भी सहायता दी थी.

इस मामले में नेपाल का कनेक्शन इसलिए अहम है, क्योंकि पुलिस को श्रद्धा की गतिविधियों और उसके संपर्कों की पूरी कड़ी जोड़नी है. हालांकि, नेपाल में उसके ठहरने की जगह और वहां किन लोगों से संपर्क हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है.

वहीं इसी के साथ श्रद्धा दूबे के नाम से एक ऑडियो की भी खूब चर्चा हो रही है जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि श्रद्धा दूबे और शिवा शर्मा आपस में बात कर रहे हैं और श्रद्धा दूबे कह रही है कि तुम्हें ऐसा मारूंगी की कि लोग याद रखेंगे. इस ऑडियो की भी काफी चर्चा हो रही है.

फर्जी पहचान पर सिम कार्ड लेने का आरोप क्यों अहम?

आमिर पर आरोप है कि उसने श्रद्धा के लिए फर्जी पहचान पत्र के आधार पर सिम कार्ड हासिल किया था. पुलिस इस पहलू की जांच इसलिए कर रही है, क्योंकि मोबाइल फोन और सिम कार्ड फरारी के दौरान संपर्क बनाए रखने का जरिया हो सकते थे. जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि सिम कार्ड किस पहचान पर लिया गया, उसका इस्तेमाल किन लोगों से बात करने के लिए हुआ और क्या इससे श्रद्धा की गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है. कॉल डिटेल और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों से पुलिस को यह समझने में मदद मिल सकती है कि श्रद्धा फरार रहने के दौरान किसके संपर्क में थी. इससे कथित मददगारों की पहचान करने में भी सहायता मिल सकती है. लेकिन फर्जी पहचान पर सिम लेने के आरोप और उसके पीछे का उद्देश्य जांच से ही स्पष्ट होगा. अभी इस मामले में पुलिस के आरोपों को अंतिम रूप से साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता.

क्या शिवा शर्मा की मौत के वक्त मौके पर था आमिर?

इस मामले का एक गंभीर पहलू यह भी है कि उपलब्ध पुलिस संबंधी जानकारी में आमिर को शिवा की मौत के समय मौके पर मौजूद बताया गया है. उसकी मौजूदगी की परिस्थितियां और घटना में उसकी संभावित भूमिका जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती हैं.

9 अक्टूबर को शिवा शर्मा लखनऊ के हजरतगंज इलाके में एक अपार्टमेंट की बालकनी से नीचे गिर गए थे. शुरुआत में उनकी मौत को दुर्घटना के तौर पर देखा गया, लेकिन बाद में उनके परिवार ने आरोप लगाया कि शिवा के साथ मारपीट और प्रताड़ना की गई थी और फिर उन्हें नीचे फेंका गया. परिवार के आरोपों के बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के संदेह के तहत आगे बढ़ाई. श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि, ड्राइवर और दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

अब आमिर की कथित मौजूदगी से जुड़े सवालों के जवाब तलाशना जरूरी है. पुलिस को यह पता लगाना होगा कि घटना के समय वह कहां था, उसने क्या देखा और घटना के बाद श्रद्धा के साथ उसके संपर्क किस तरह बने रहे. केवल घटनास्थल पर मौजूद होने से उसकी संलिप्तता साबित नहीं होती.

श्रद्धा की गिरफ्तारी के बाद आमिर तक कैसे पहुंची पुलिस?

श्रद्धा दुबे को 21 अक्टूबर से पहले मंगलवार को नागपुर के वर्धा रोड इलाके के एक फ्लैट से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी. उत्तर प्रदेश STF और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने नागपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच की मदद से यह कार्रवाई की थी. गिरफ्तारी के बाद श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और सहयोगी तनवीर अली उर्फ दानिश को नागपुर की अदालत में पेश किया गया. उत्तर प्रदेश पुलिस ने तीनों को लखनऊ ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगी, जिसे अदालत ने 72 घंटे के लिए मंजूर किया.

इसके बाद जांच एजेंसियों ने श्रद्धा को फरार होने में कथित मदद देने वाले लोगों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया. इसी क्रम में आमिर का नाम सामने आया और उसे पुलिस हिरासत में लिया गया. पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है कि श्रद्धा को फरार कराने की योजना में कौन-कौन शामिल था और क्या इस पूरे घटनाक्रम में कोई अन्य व्यक्ति भी अहम भूमिका निभा रहा था.

श्रद्धा ने खुद को बताया था निर्दोष, शिवा की मौत पर क्या कहा था?

श्रद्धा की गिरफ्तारी से पहले उसका एक इंटरव्यू सामने आया था, जिसमें उसने शिवा की मौत में अपनी भूमिका से इनकार किया था. उसने दावा किया था कि शिवा आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे और उन पर 15 से 20 लाख रुपये तक का कर्ज था. श्रद्धा के मुताबिक, शिवा ने कर्ज नहीं चुका पाने की स्थिति में अपनी जान देने की बात कही थी. उसने यह भी दावा किया कि घटना वाले दिन शिवा बाथरूम में चले गए थे और दरवाजा बंद कर लिया था. श्रद्धा ने कहा था कि उसने अपनी बहन से दरवाजा खुलवाने के लिए कहा, लेकिन इससे पहले शिवा बालकनी से नीचे गिर गए.

उसने मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों को नकारते हुए कहा था कि सीसीटीवी फुटेज से घटना की सच्चाई सामने आ सकती है. श्रद्धा ने यह भी दावा किया था कि उसने शिवा का मोबाइल फोन पुलिस को सौंप दिया था. दूसरी तरफ, शिवा की मां रंजना लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही थीं और श्रद्धा के दावों पर सवाल उठा रही थीं. अब आमिर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने घटना से पहले, घटना के समय और उसके बाद की परिस्थितियों को जोड़ने की चुनौती है.

क्या आमिर की गिरफ्तारी से खुलेंगे श्रद्धा के मददगारों के नाम?

आमिर से पूछताछ का एक प्रमुख उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है, जिन्होंने कथित तौर पर श्रद्धा को फरार रहने में मदद की. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे मोबाइल फोन और सिम कार्ड किस परिस्थिति में उपलब्ध कराया गया और नेपाल सीमा तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही. फिलहाल आमिर की गिरफ्तारी ने इस मामले में एक नया पहलू जोड़ दिया है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि शिवा शर्मा की मौत वाले दिन वास्तव में क्या हुआ था और उसमें शामिल लोगों की भूमिका क्या थी. इसका जवाब पुलिस की जांच और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों से ही मिलेगा.

अगला लेख