बागपत में खौफनाक वारदात, पड़ोसी के प्यार में अंधी पत्नी ने पति को जिंदा फूंका, 7 दिन तड़पने के बाद तोड़ा दम
भारत की मशहूर गेमिंग क्रिएटर पायल गेमिंग ने रियलिटी शो में अपने Deepfake विवाद को याद कर भावुक होते हुए पूरी आपबीती सुनाई.
कहते हैं कि शादी का रिश्ता भरोसे और प्यार की बुनियाद पर टिका होता है, लेकिन जब यही भरोसा बेवफाई में बदल जाए तो अंजाम कितना भयानक हो सकता है, इसकी एक जीती-जागती और रूह कंपा देने वाली मिसाल उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से सामने आई है. यहां एक पत्नी ने अपने अवैध संबंधों के रास्ते से पति को हटाने के लिए ऐसी खौफनाक साजिश रची कि सुनने वालों के भी रोंगटे खड़े हो गए. पत्नी ने पहले तो अपने पति को नींद की गोलियां देकर बेसुध किया और फिर अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसे पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया. लगभग 80 फीसदी तक झुलस चुका पति सात दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ता रहा, लेकिन आखिरकार वह यह जंग हार गया.
घर के भीतर पनप रहा था 'अवैध रिश्ता'
यह पूरी घटना बागपत के बिनौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिजवाड़ा गांव की है. यहां राजीव नाम का युवक अपनी पत्नी निशा उर्फ नीशू के साथ रहता था. दोनों की जिंदगी वैसे तो सामान्य चल रही थी, लेकिन घर की चारदीवारी के भीतर एक ऐसा सच छुपा था जिससे राजीव पूरी तरह अनजान था. दरअसल, निशा का दिल अपने ही पड़ोस में रहने वाले विक्रांत नाम के युवक पर आ गया था. दोनों के बीच धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ीं और यह नजदीकियां गहरे प्रेम-प्रसंग में बदल गईं.
पति बना बाधा
जब राजीव को अपनी पत्नी और पड़ोसी विक्रांत के इस नाजायज रिश्ते की भनक लगी, तो घर में आए दिन विवाद होने लगा. राजीव अपनी पत्नी की इस करतूत का कड़ा विरोध करता था और उसे सुधारने की कोशिश में जुटा था. लेकिन निशा और विक्रांत को राजीव का यह विरोध बिल्कुल रास नहीं आ रहा था. उन्हें लगने लगा था कि राजीव उनके प्यार के बीच की सबसे बड़ी दीवार है, जिसे रास्ते से हटाना बेहद जरूरी है.
ऐसे रची खौफनाक साजिश
राजीव को रास्ते से हटाने के लिए निशा और विक्रांत ने एक ऐसी साजिश बुनी, जिसे अंजाम देने के लिए उन्होंने इंसानियत की सारी हदें पार कर दी. 20 जून की रात को योजना के मुताबिक, निशा ने राजीव के खाने या पानी में गहरी नींद की गोलियां मिला दी. दवा के असर से राजीव पूरी तरह बेसुध हो गया और चारपाई पर गहरी नींद में सो गया. जैसे ही राजीव अचेत हुआ, निशा ने तुरंत अपने प्रेमी विक्रांत को घर के अंदर बुला लिया. इसके बाद दोनों ने मिलकर एक सोए हुए बेकसूर इंसान पर पेट्रोल छिड़क दिया और माचिस जलाकर उसे आग के हवाले कर दिया. पल भर में पूरा कमरा और राजीव आग की लपटों से घिर गए.
चीखें सुनकर दौड़े परिजन, 80% झुलस चुका था राजीव
नींद की गोलियों के असर के बावजूद जब आग का दर्द असहनीय हुआ, तो राजीव की चीखें निकल गईं. उसकी दर्दनाक आवाजें सुनकर आसपास के लोग और परिजन तुरंत मौके पर दौड़े. उन्होंने किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. आग की लपटों ने राजीव के शरीर को बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया था और वह करीब 80 प्रतिशत तक जल चुका था. परिजन उसे आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत दिल्ली या किसी बड़े हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया. अस्पताल के बेड पर झुलसा हुआ राजीव पूरे सात दिनों तक असहनीय दर्द से तड़पता रहा. वह जीना चाहता था, डॉक्टरों ने भी उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसका शरीर इस कदर डैमेज हो चुका था कि वह रिकवर नहीं कर सका. आखिरकार, सातवें दिन राजीव ने अपनी आखिरी सांस ली और दुनिया को अलविदा कह दिया.
'हत्या के प्रयास' का केस अब 'हत्या' में बदला
इस खौफनाक घटना के तुरंत बाद जब पुलिस को सूचना मिली, तो पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया. बिनौली थाना पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए आरोपी पत्नी निशा और उसके पड़ोसी प्रेमी विक्रांत को तुरंत हिरासत में ले लिया था. शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ 'हत्या के प्रयास' की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था क्योंकि उस वक्त राजीव जीवित था. लेकिन अब इलाज के दौरान राजीव की मौत हो जाने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी धाराओं में बदलाव कर दिया है. अब दोनों प्रेमियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को 'हत्या' की संगीन धाराओं में बदल दिया गया है, जिसके तहत दोनों को कड़ी से कड़ी सजा मिलना तय है.




