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Kanpur POCSO Case: जीजू ने साली को सपने में छेड़ा तो हो गई 7 साल की जेल, फिर अब हो गई बेल!

नाबालिग लड़की ने अदालत में कहा कि जो उसने घटना बताई थी वह हकीकत नहीं बल्कि दवा के असर में आया सपना था, जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया.

Kanpur POCSO Case: जीजू ने साली को सपने में छेड़ा तो हो गई 7 साल की जेल,  फिर अब हो गई बेल!
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( Image Source:  Sora_ AI )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी4 Mins Read

Published on: 11 March 2026 12:15 AM

कानपुर में नाबालिग साली से छेड़छाड़ के एक चर्चित मामले में सात साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. पॉक्सो कोर्ट ने एयरफोर्स कर्मी अनुराग शुक्ला को सभी आरोपों से बरी कर दिया. अदालत में पीड़िता ने अपने पहले के आरोपों से पलटते हुए कहा कि जो घटना उसने बताई थी, वह हकीकत नहीं बल्कि सपना था.

इस मामले में साल 2019 में दर्ज एफआईआर के बाद एयरफोर्स कर्मी को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था और उन्हें करीब 19 दिन तक जेल में रहना पड़ा था. लेकिन अदालत में जब पीड़िता, उसके पिता और बड़ी बहन के बयान दर्ज हुए तो पूरे मामले की दिशा बदल गई और अंततः कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया.

क्या था पूरा मामला?

बिठूर में रहने वाले एयरफोर्स कर्मी अनुराग शुक्ला की शादी 10 फरवरी 2019 को बिधनू की रहने वाली युवती से हुई थी. शादी के कुछ दिन बाद वह अपनी पत्नी को लेने ससुराल गया. उसी समय उसकी नाबालिग साली भी उसके साथ घर आ गई थी.

एफआईआर के अनुसार, 8 मार्च 2019 की रात करीब 9 बजे नाबालिग लड़की अचानक जोर-जोर से चिल्लाने लगी. जब उसकी बड़ी बहन कमरे में पहुंची तो लड़की ने आरोप लगाया कि जीजा ने सोते समय उसे पकड़ लिया और उसके साथ छेड़छाड़ की. इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी और मामला थाने तक पहुंच गया.

साली ने कोर्ट में क्या कहा?

मामले की सुनवाई के दौरान जब पीड़िता का बयान अदालत में दर्ज हुआ तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया. उसने कहा कि 'उस रात मैं दवा खाकर लेटी थी. सपने में ऐसा महसूस हुआ कि जीजू ने मुझे पकड़ लिया है. मैंने फिर शोर मचा दिया. मेरी दीदी आ गई और मैं अस्पताल चली गई. यह सपना था, सच में ऐसा नहीं हुआ था". पीड़िता ने बताया कि वह उस समय एंटीबायोटिक दवा लेकर सो रही थी और आधी नींद की स्थिति में उसे भ्रम हुआ. इसी कारण उसने शोर मचा दिया और परिवार को लगा कि उसके साथ सच में कोई घटना हुई है.

पुलिस ने आरोपी को कब गिरफ्तार किया था?

पीड़िता के पिता की शिकायत पर नौबस्ता थाने में 3 अगस्त 2019 को मामला दर्ज किया गया. इसके बाद पुलिस ने 29 सितंबर 2019 को एयरफोर्स कर्मी अनुराग शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. करीब 19 दिन जेल में रहने के बाद 17 अक्टूबर 2019 को उन्हें जमानत मिल गई. उसी दौरान पुलिस ने पीड़िता के शुरुआती बयानों के आधार पर चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी.

आरोपी पर कौन-कौन से आरोप लगे थे?

पॉक्सो कोर्ट में आरोपी के खिलाफ चार गंभीर आरोप तय किए गए थे, जिनमें शामिल थे-

  • पीड़िता के साथ मारपीट
  • उसे बदनाम करना
  • छेड़छाड़ करना
  • लैंगिक हमला करना

हालांकि सुनवाई के दौरान जब पीड़िता और उसके परिवार के बयान सामने आए तो आरोप साबित नहीं हो सके.

कोर्ट ने आरोपी को क्यों बरी किया?

बचाव पक्ष के वकील करीम अहमद सिद्दीकी के अनुसार, अदालत में पीड़िता ने स्पष्ट कहा कि उसके साथ हुई घटना वास्तविक नहीं बल्कि सपना था. इसके अलावा लड़की के पिता और बड़ी बहन ने भी अदालत में स्वीकार किया कि उन्होंने भ्रम में आकर मामला दर्ज कराया था. इन बयानों के आधार पर अदालत ने पाया कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं होते हैं. इसके बाद कोर्ट ने एयरफोर्स कर्मी अनुराग शुक्ला को सभी आरोपों से बरी कर दिया.

आरोपी ने ससुर पर क्या आरोप लगाए?

फैसले के बाद एयरफोर्स कर्मी अनुराग शुक्ला ने अपने ससुर पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि शादी के कुछ दिनों बाद ही ससुर ने उन पर अपनी संपत्ति पत्नी और उसकी बहन के नाम करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था. अनुराग का आरोप है कि जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया तो उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया. उन्होंने कहा कि इस मुकदमे के कारण उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ा, समाज में बदनामी हुई और नौकरी में प्रमोशन तक प्रभावित हुआ.

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