काली शक्ति का साया बता कर करने लगा अश्लील हरकत, गिरफ्तार हुआ कानपुर का 'बोतल बाबा'; मुर्दे को भी जिंदा करने का करता था दावा
कानपुर देहात के चर्चित 'बोतल बाबा' हरिओम यादव को महिला की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है. महिला ने काली शक्तियों का डर दिखाकर आश्रम बुलाने, अश्लील हरकत करने और दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया है.
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में रहने वाले लोग उसे 'बोतल बाबा' कहते थे. दावा था कि उसकी फूंक से भरा पानी कैंसर जैसी बीमारी तक ठीक कर देता है. लोग लाइन लगाकर आते थे. 20 रुपये की पानी की बोतल खरीदते थे, बाबा उस पर फूंक मारता था और श्रद्धालु उसे चमत्कार मानकर घर ले जाते थे. लेकिन अब उसी बाबा के आश्रम से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने आस्था, भरोसे और अंधविश्वास पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
स्वयंभू बाबा 'बोतल बाबा' उर्फ हरिओम यादव के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी, शोषण और अंधविश्वास फैलाने से जुड़े गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया है. महिला ने आरोप लगाया है कि बाबा और उसके सहयोगियों ने तंत्र-मंत्र तथा काली शक्तियों को दूर करने के नाम पर उसके साथ ठगी और उत्पीड़न किया. जिसके बाद बाबा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
क्या बोतल बाबा मुर्दे को भी करता था जिंदा होने का दावा?
सोशल में वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक कहा जा रहा है कि बोतल बाबा मुर्दे में भी प्राण डालने का दावा करता था.@hindipatrakar नाम के एक यूजर ने लिखा कि, लो प्राण डालो इसमें जल्दी..(बाबा हाथों से पंप जैसी मुद्रा बनाकर प्राण डालने का नाटक करता है) मुर्दा लेकर आये थे. इसके प्राण उड़ रहे थे ऊपर. वह चिपक गये, वो जाने और महाकाली. अब इसके प्राण पूरे भर चुके है, जा चुके थे.'
एक पूजा से शुरू हुई कहानी, जो थाने तक पहुंच गई
औरैया जिले की रहने वाली एक महिला के मुताबिक, 6 जून को उसके ससुर और देवरों ने घर में पूजा-पाठ के लिए हरिओम यादव उर्फ 'बोतल बाबा' को बुलाया था. हवन के दौरान बाबा ने महिला को गौर से देखा और फिर एक ऐसा दावा किया, जिसने पूरे परिवार को डरा दिया. 'तुम पर काली शक्तियों का साया है...'
यह सुनते ही परिवार घबरा गया
कहा गया कि अगर विशेष पूजा नहीं कराई गई तो बड़ा अनर्थ हो सकता है. डर का माहौल बनाया गया और आरोप है कि इसी बहाने महिला से 40 हजार रुपये ले लिए गए. लेकिन यह तो सिर्फ शुरुआत थी. 15 जून... जब महिला आश्रम पहुंची. महिला का कहना है कि बाबा ने उसे विशेष अनुष्ठान के नाम पर 15 जून को अपने हरिधाम सरकार आश्रम बुलाया. परिवार को लगा कि पूजा होगी, समस्या दूर होगी और सब ठीक हो जाएगा. लेकिन महिला का आरोप है कि आश्रम पहुंचते ही कहानी बदल गई. उसे एक कमरे में ले जाया गया.
महिला के आरोप में क्या-क्या?
कहा गया कि यह गुप्त पूजा है. दरवाजा बंद हुआ और फिर... महिला के मुताबिक, बाबा ने अश्लील हरकतें शुरू कर दीं और दुष्कर्म की कोशिश की. जब विरोध किया तो मारपीट और गला दबाने का आरोप. पीड़िता का आरोप है कि उसने विरोध किया, शोर मचाया और बाहर निकलने की कोशिश की. लेकिन मामला यहीं नहीं रुका. उसका आरोप है कि बाबा और उसके सहयोगियों ने उसके साथ मारपीट की. यहां तक कि गला दबाकर जान से मारने की भी कोशिश की गई. किसी तरह वह वहां से भाग निकली. उस वक्त उसके मन में शायद एक ही सवाल रहा होगा... जिसे भगवान का आदमी समझकर आए थे, क्या वह सच में इंसान भी था?
'बोतल बाबा' कौन है?
कानपुर देहात के देवराहट थाना क्षेत्र के चैन का पुरवा गांव में करीब 8 बीघे में फैला हरिधाम सरकार आश्रम वर्षों से चर्चा में रहा है. यहां रोजाना सैकड़ों लोग पहुंचते हैं. दरबार में प्रवेश के लिए पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है. फिर बाबा उस पानी पर फूंक मारता है. दावा किया जाता है कि इससे कैंसर, भूत-प्रेत, काली शक्तियां और तमाम परेशानियां दूर हो जाती हैं. कुछ लोग इसे चमत्कार मानते रहे. कुछ लोग सवाल उठाते रहे. लेकिन अब पुलिस केस ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है.
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
महिला की शिकायत के बाद देवराहट थाने में हरिओम यादव, उसके शिष्य दीपक, महिला के दो देवरों समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस ने बाबा हरिओम यादव और उसके एक शिष्य को गिरफ्तार कर लिया है. मेडिकल जांच कराई गई है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. सबसे बड़ा सवाल... आखिर लोग ऐसे बाबाओं के जाल में फंसते क्यों हैं? यह कहानी सिर्फ एक एफआईआर या एक गिरफ्तारी की नहीं है. यह उस डर की कहानी है, जो 'काली छाया', 'भूत-प्रेत', 'तंत्र-मंत्र' और 'चमत्कार' के नाम पर लोगों के मन में बैठा दिया जाता है.
जब कोई परिवार परेशानी में होता है, तब उसे समाधान चाहिए होता है और इसी कमजोर पल में कुछ लोग भगवान का चोला पहनकर भरोसे का व्यापार शुरू कर देते हैं लेकिन सवाल आज भी वहीं खड़ा है- अगर सच में चमत्कारी शक्तियां थीं, तो खुद बाबा कानून के शिकंजे से क्यों नहीं बच पाए? और इससे भी बड़ा सवाल... आस्था और अंधविश्वास के बीच की लकीर आखिर कब पहचानी जाएगी?
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस के अनुसार, इस मामले में हरिओम यादव समेत पांच नामजद आरोपियों और चार से पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है. हरिओम यादव, जिसे स्थानीय लोग 'बोतल बाबा' के नाम से जानते हैं, दावा करता था कि वह पानी की बोतलों में फूंक मारकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का भी इलाज कर सकता है. देवराहट थाना क्षेत्र स्थित उसके आश्रम में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे और उसके तथाकथित चमत्कारों पर विश्वास करते थे. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी आरोपों की गहनता से पड़ताल की जा रही है. यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.




